facebookmetapixel
Advertisement
4000 लोगों की जा सकती है नौकरी! JLR बड़ी छंटनी की तैयारी में, बढ़ते खर्च से कंपनी परेशानसुभाष चंद्रा की बढ़ीं मुश्किलें: CBI ने दर्ज की FIR, फर्जी कागज दिखाकर ₹1,322 करोड़ के फ्रॉड का आरोपएक शेयर पर ₹60 का मोटा डिविडेंड! पावर ट्रांसमिशन सेक्टर से जुड़ी कंपनी का तोहफा, रिकॉर्ड डेट फिक्सNPS में ‘नो मिनिमम इन्वेस्टमेंट’ का क्या है सच? एक्सपर्ट से समझें, किसे मिलेगा फायदा और किसे नहींटाटा मोटर्स खरीदेगी इटली की मशहूर इवेको ग्रुप, €3.82 अरब की डील से ग्लोबल मार्केट में बढ़ेगा दबदबामोटी कमाई का चांस! अगले हफ्ते लगभग 150 कंपनियां देंगी डिविडेंड, एक शेयर पर ₹60 तक कमाने का मौकाजन्माष्टमी पर बाजारों में बंपर खरीदारी की उम्मीद, 40 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के व्यापार का अनुमान18 अमेरिकी सैनिकों की मौत और 37.5 अरब डॉलर खर्च, फिर भी ट्रंप ने ईरान युद्ध को बताया ‘छोटी बात’लाइट, कैमरा और एक्शन: कैसे साल 1991 के आर्थिक सुधारों ने भारतीय सिनेमा का पूरा कारोबार बदल दिया?भारत के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्यों और शहरों को खुद जुटाना होगा फंड: भार्गव दासगुप्ता

नकदी सामान्य बनाने का काम अभी अधूरा: RBI

Advertisement

RBI रिपोर्ट के अनुसार सावधि जमा की दर बढ़ने के कारण मौजूदा सख्ती के चक्र में उधारी दर बढ़ी हैं।

Last Updated- November 17, 2023 | 11:16 PM IST
RBI to review payment bank structure; Emphasis will be on governance standards, business model and the way forward पेमेंट बैंक ढांचे की समीक्षा करेगा RBI; प्रशासन मानदंड, कारोबारी मॉडल और आगे की राह पर रहेगा जोर

भारतीय रिजर्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा सख्ती चरण के दौरान अतिरिक्त नकदी को सामान्य बनाए जाने और मजबूत ऋण वृद्धि का प्रयास अभी भी पूरा नहीं हुआ है।

रिपोर्ट में बताया गया कि जमा दरों (सावधि जमा और बचत खातों के साथ) में वृद्धि अब उधारी में वृद्धि की गति पिछड़ गई है। पॉलिसी रीपो दर के अनुरूप मई 2022 से उधारी दर में वृद्धि शुरू हुई थी। हालांकि बैंक के बचत खातों के लिए जमा दर करीब करीब एक जैसी रही हैं। बैंक के कुल जमा पूंजी में एक तिहाई बचत खातों में जमा धन है।

रिपोर्ट के अनुसार सावधि जमा की दर बढ़ने के कारण मौजूदा सख्ती के चक्र में उधारी दर बढ़ी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ‘जमा जमा की ब्याज दरों में जबरदस्त बदलाव हुआ है लेकिन बचत खाते की जमा दरें ‘सख्त’ सी रही हैं।’

शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंक्स (एससीबी) ने मई 2022 से अक्टूबर 2023 तक की अवधि में बैंचमार्क रीपो दर से जुड़ी दर को 250 आधार अंक ऊपर समायोजित किया और ऐसा करके रेपो दर बढ़ने से तारतम्यता बनाई। हालांकि एक साल के कोष आधारित उधारी दर (एमसीएलआर) के औसत सीमांत लागत में अपेक्षाकृत 152 अंक की कम वृद्धि हुई। यह बैंकों की उधारी लेने की लागत में कमी के रुझान को दर्शाता है।

हालांकि मई 2022 से सितंबर 2023 के दौरान हालिया जमा के लिए भारित औसत घरेलू सावधि जमा दर (डब्ल्यूएडीटीडीआर) को 229 आधार अंक बढ़ाया गया। बैंकों ने सख्ती के शुरुआती चरण में खुदरा सावधि जमा दर की तुलना में थोक सावधि जमा दरों को अधिक बढ़ाया। हालांकि वित्त वर्ष 2022-23 की दूसरी छमाही में थोक खुदरा ब्याज दरों से अधिक खुदरा ब्याज दरें हो गईं।

इस अवधि में नए खुदरा जमा के लिए डब्ल्यूएडीटीडीआर 164 आधार अंक बढ़ा जबकि यह नए थोक जमा के लिए 269 अंक बढ़ा। बकाया जमा पर डब्ल्यूएडीटीडीआर का प्रसार 166 आधार अंक से कम था।

Advertisement
First Published - November 17, 2023 | 11:16 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement