लेखक : ए के भट्टाचार्य

आज का अखबार, लेख

सीतारमण का आठवां बजट राजकोषीय अनुशासन से समझौता नहीं कर सकता

केंद्र सरकार ने विभिन्न विशेषज्ञों और हितधारकों के समूहों के साथ अपनी बजट पूर्व औपचारिक बैठकों की शुरुआत कर दी है। वैसे तो वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को फरवरी 2026 में बजट पेश करना है और कई वजहों से इस बजट से काफी उम्मीदें भी हैं। लेकिन एक शुबहा यह भी है कि कहीं वह […]

आज का अखबार, बाजार, विशेष, शेयर बाजार

इक्विटी सबसे दीर्घावधि ऐसेट क्लास, इसे दीर्घकालिक दृष्टिकोण की जरूरत : देसाई

मॉर्गन स्टैनली के प्रबंध निदेशक व चीफ इंडिया इक्विटी स्ट्रैटजिस्ट रिधम देसाई ने एके भट्टाचार्य के साथ बातचीत में कहा कि भारत की आर्थिक स्थिति बेहतर है। यही वजह है कि भारत को लेकर उनका नजरिया तेजी का है। उन्होंने चेताया कि बुलिश होने का अर्थ यह नहीं है कि बाजार हर साल पॉजिटिव रिटर्न […]

आज का अखबार, बाजार, विशेष

एआई मददगार तो है, लेकिन यह धन प्रबंधकों की जगह नहीं लेगा: शंकर शर्मा

आर्टिफिशल इंटेलिजेंस या एआई का शेयरों में निवेश करने के हमारे तरीके पर प्रभाव पड़ा है। हालांकि यह आपको अवसरों की सूची छोटी करने में मदद करती है, लेकिन यह अभी उस बिंदु तक नहीं पहुंची है, जहां यह धन प्रबंधकों की जगह ले सके। जीक्वांट्स के संस्थापक शंकर शर्मा ने एके भट्टाचार्य के साथ […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, विशेष

BFSI Summit: वित्त वर्ष 2025-26 में वृद्धि दर 7 प्रतिशत से अधिक रहे तो मुझे आश्चर्य नहीं – सीईए अनंत नागेश्वरन

मुख्य आर्थिक सलाहकार अनंत नागेश्वरन (CEA Anantha Nageswaran) ने बिजनेस स्टैंडर्ड बीएफएसाई इनसाइट समिट 2025 में एके भट्टाचार्य के साथ बातचीत में कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 26 में वित्त मंत्रालय के अनुमान 6.8 प्रतिशत के ऊपरी दायरे से अधिक भी बढ़ सकती है लेकिन मैं इस वित्त वर्ष में इसके 7 प्रतिशत […]

आज का अखबार, बैंक, वित्त-बीमा

BFSI Summit: बीएफएसआई की मजबूती के बीच MSMEs के लोन पर जोर

भारत के बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा क्षेत्र (बीएफएसआई) हाल के वर्षों में अपने आकार, मुनाफा और बैलेंसशीट की मजबूती में तेज बढ़ोतरी के साथ एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। हाल में वैश्विक अर्थव्यवस्था में उतार-चढ़ाव और वृहद आर्थिक मोर्चे पर अस्थिरता ने भारत के बढ़ते बीएफएसआई तंत्र के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर […]

आज का अखबार, विशेष

BFSI Summit: परिस्थितियों के मुताबिक नीतिगत कार्रवाई की गुंजाइश बाकी – पूनम गुप्ता

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की डिप्टी गवर्नर पूनम गुप्ता ने बुधवार को बिज़नेस स्टैंडर्ड बीएफएसआई शिखर सम्मेलन में ए के भट्टाचार्य के साथ बातचीत में कहा कि महंगाई को काबू में करने से जुड़े फ्रेमवर्क के विमर्श पत्र के अधिकांश उत्तरदाताओं ने मौजूदा फ्रेमवर्क को बनाए रखने का सुझाव दिया है, जिसमें मुख्य सीपीआई को […]

आज का अखबार, लेख

पावर सेक्टर के लिए जीएसटी जैसा मॉडल: बिजली सुधार लागू करने का व्यावहारिक तरीका

क्या यह भारत के संकटग्रस्त विद्युत वितरण क्षेत्र के लिए जश्न का समय है? इस महीने के आरंभ में केंद्र सरकार ने विद्युत अधिनियम,2003 के लिए प्रस्तावित संशोधन जारी किए। बिजली वितरण क्षेत्र के विधायी ढांचे में बदलाव के लिए आधिकारिक कारण यह बताया गया है कि यह क्षेत्र भारी घाटे से जूझ रहा है […]

आज का अखबार, लेख

पूंजीगत व्यय में इजाफे की असल तस्वीर, आंकड़ों की पड़ताल से सामने आई नई हकीकत

केंद्र सरकार के पूंजीगत व्यय में हाल में हुए इजाफे का मूल्यांकन किस प्रकार किया जाना चाहिए? क्या वास्तव में ऐसे खर्च में तेज उछाल आई है? यकीनन नियंत्रक महालेखाकार द्वारा जारी आंकड़े यही दिखाते हैं कि अप्रैल-अगस्त 2025 की अवधि में केंद्र सरकार का पूंजीगत व्यय 4.31 लाख करोड़ रुपये रहा जो पिछले वर्ष […]

आज का अखबार, लेख

सरकार ने मांग बढ़ाने के लिए अपनाया नया रुख, टैक्स छूट पर जोर

रविवार को राष्ट्र के नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन से एक प्रमुख निष्कर्ष यह निकल कर आया कि सरकार ने आर्थिक वृद्धि पटरी पर लाने और उसे निरंतर गति देने के लिए अपनी नीति में थोड़ी तब्दीली की है। बेशक, उनके संबोधन का मुख्य उद्देश्य वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद द्वारा जीएसटी दरों […]

आज का अखबार, उद्योग

DRDO में आमूल-चूल बदलाव करने के लिए सरकार की बड़ी योजना: रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने शनिवार को नई दिल्ली में ब्लूप्रिंट पत्रिका के विमोचन पर भारत के रक्षा सुधारों, स्वदेशी तकनीक, स्टार्टअप समर्थन और महत्त्वपूर्ण खनिज रणनीति पर बात की। बिज़नेस स्टैंडर्ड के एके भट्टाचार्य के साथ उनकी बातचीत के प्रमुख अंशः रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने में भारत ने कितनी प्रगति की? […]