लेखक : ए के भट्टाचार्य

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, बजट, भारत, विशेष

BS Exclusive: खास घटना नहीं व्यापक बुनियाद पर बना है बजट- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को व्यापार, निर्यात, विनिर्माण समेत समूची भारतीय अर्थव्यवस्था के लिहाज से बहुत बड़ी घटना माना जा रहा है, जिसका देश पर बहुआयामी प्रभाव पड़ सकता है। मगर समझौते की घोषणा से एक दिन पहले केंद्रीय बजट पेश कर चुकी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मानती हैं कि समझौता कुछ वक्त पहले हो जाता […]

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बजट 2026-27: राजकोषीय मजबूती के आंकड़ों के पीछे की कहानी और बाकी बड़े सवाल

वर्ष 2026 के बजट के राजकोषीय आंकड़े उम्मीदों के साथ-साथ कई सवाल भी पैदा करते हैं। जैसा कि चालू वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान में दर्शाया गया है, सकल राजकोषीय घाटे का आंकड़ा सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी का 4.4 फीसदी है और इसी में आशाएं निहित हैं। सराहनीय बात यह है कि यह लक्ष्य […]

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कई मोर्चों पर ‘पहली बार’ वाला बजट, पर भविष्य के लिए अलग सोच जरूरी

वर्ष 2026-27 का आम बजट 1 फरवरी को पेश किया जाना है। इस बजट में कई ऐसी बातें शामिल होंगी जो पहली बार घटित होंगी। इनमें सबसे जाहिर बात यह है कि पहली बार बजट रविवार को पेश किया जाएगा। इससे पहले देश के किसी भी वित्त मंत्री ने रविवार को बजट नहीं पेश किया […]

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टैक्स बदलाव से ज्यादा व्यय और राजकोषीय सुधारों पर केंद्रित होता आम बजट

बीते कुछ साल में केंद्रीय बजट की प्रकृति में परिवर्तन आया है। अब उनमें करों पर कम और सरकार के राजकोषीय रुख, योजनाओं और व्यय पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। बजट का मुख्य ध्यान सरकार की उन योजनाओं पर है जिनका उद्देश्य ऋण या राजकोषीय घाटे को कम करना, क्षेत्रीय नीतियों में बदलाव […]

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तीन विधेयक और एक बजट: शीतकालीन सत्र भविष्य के बजट को कैसे करेगा प्रभावित

भारतीय संसद के कुछ ही शीतकालीन सत्रों ने केंद्र सरकार की वित्तीय स्थिति पर उतना प्रभाव डाला है जितना पिछले सप्ताह समाप्त हुए सत्र ने डाला। गत 19 दिसंबर को समाप्त हुए एक पखवाड़े लंबे शीतकालीन सत्र को इस बात के लिए भी उचित ही याद किया जाएगा कि सरकार ने कई विधेयक बहुत कम […]

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क्या नियामक बेवकूफ हैं? DGCA को नियम लागू करने का अधिकार होना चाहिए

जरा एक शहर में हजारों अपार्टमेंट के साथ एक विशाल आवासीय परिसर की कल्पना करें! इन अपार्टमेंट के बनने और लोगों के रहने के लिए पहुंचने के कई महीनों बाद उस क्षेत्र के नगर निगम अधिकारियों को अचानक इस बात का एहसास होता है कि निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस आवासीय परिसर […]

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नई नीति-निर्माण व्यवस्था: समिति आधारित शासन का नया दौर शुरू

केंद्र सरकार के नीति निर्माता उत्साहित नजर आ रहे हैं। संसद द्वारा पांच साल पहले पारित चार श्रम संहिताओं को लेकर हाल ही में जारी की गई अधिसूचना शायद इस नतीजे पर पहुंचने की सबसे ताजा वजह है। यकीनन बहु-प्रतीक्षित श्रम संहिताओं को अधिसूचित किया जाना जिनमें 29 वर्तमान श्रम कानूनों को सरलीकृत करने और […]

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सीतारमण का आठवां बजट राजकोषीय अनुशासन से समझौता नहीं कर सकता

केंद्र सरकार ने विभिन्न विशेषज्ञों और हितधारकों के समूहों के साथ अपनी बजट पूर्व औपचारिक बैठकों की शुरुआत कर दी है। वैसे तो वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को फरवरी 2026 में बजट पेश करना है और कई वजहों से इस बजट से काफी उम्मीदें भी हैं। लेकिन एक शुबहा यह भी है कि कहीं वह […]

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इक्विटी सबसे दीर्घावधि ऐसेट क्लास, इसे दीर्घकालिक दृष्टिकोण की जरूरत : देसाई

मॉर्गन स्टैनली के प्रबंध निदेशक व चीफ इंडिया इक्विटी स्ट्रैटजिस्ट रिधम देसाई ने एके भट्टाचार्य के साथ बातचीत में कहा कि भारत की आर्थिक स्थिति बेहतर है। यही वजह है कि भारत को लेकर उनका नजरिया तेजी का है। उन्होंने चेताया कि बुलिश होने का अर्थ यह नहीं है कि बाजार हर साल पॉजिटिव रिटर्न […]

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एआई मददगार तो है, लेकिन यह धन प्रबंधकों की जगह नहीं लेगा: शंकर शर्मा

आर्टिफिशल इंटेलिजेंस या एआई का शेयरों में निवेश करने के हमारे तरीके पर प्रभाव पड़ा है। हालांकि यह आपको अवसरों की सूची छोटी करने में मदद करती है, लेकिन यह अभी उस बिंदु तक नहीं पहुंची है, जहां यह धन प्रबंधकों की जगह ले सके। जीक्वांट्स के संस्थापक शंकर शर्मा ने एके भट्टाचार्य के साथ […]