न्यायाधीश यू वी बाकरे ने हाल ही में राज्य के पूर्व कानून मंत्री विलासराव पाटिल के बेटे उदयसिंह पाटिल की जमानत याचिका खारिज कर दी। उदयसिंह को राजनैतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण संजय पाटिल की हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
उदयसिंह ने इस आधार पर जमानत मांगी थी कि इसी मामले के कई सह-आरोपी जमानत पर रिहा हो चुके हैं।
हालांकि उच्च न्यायालय ने इस तर्क को स्वीकार करने से इंकार करते हुए कहा, आवेदक मुख्य आरोपी है। प्रथम दृष्ट्या, यदि वह न चाहता कि संजय पाटिल मारा जाए तो उसे गोली नहीं मारी जाती। एक प्रभावशाली परिवार के सदस्य और प्रभावशाली राजनेता होने के कारण अभियोजन पक्ष को यह डर है कि यदि आवेदक को जमानत पर रिहा किया गया तो वह सबूतों के साथ छेड़छाड कर सकता है और गवाह उसके खिलाफ बयान देने के लिए आगे नहीं आएंगे।
महाराष्ट्र केसरी का खिताब जीत चुके संजय पाटिल की 15 जनवरी 2009 को काराड :सतारा जिला: स्थित एक बाजार में दो हत्यारों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, उदयसिंह ने एक अन्य आरोपी को संजय की हत्या के लिए सुपारी दी थी क्योंकि संजय ने वर्ष 2008 में उदयसिंह के पिता के खिलाफ कराड कृषि बाजार समिति का चुनाव लड़ा था और जीता भी था।
भाषा