बारिश और ठंड के बावजूद सांसद अपने इस विश्वास के साथ संसद के बाहर डटे रहे कि गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान ने खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत में मरने वालों के जो आंकड़े दिए हैं, वह गलत हैं।
खान का कहना है कि उन्होंने प्रांतीय सरकार के साथ आंकड़ों की जांच की है और उसका कहना है कि यह आंकड़े ठीक हैं।
विरोध प्रदर्शन के दौरान संवाददाताओं से बात करते हुए पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सीनेटर रजा रब्बानी ने कहा कि तालिबान के साथ बातचीत शुरू होने के बाद आतंकवाद की तमाम गतिविधियां रूकनी चाहिएं।
उन्होंने कहा कि अगर इस तरह की बातचीत में कोई समझौता होता है तो खैबर पख्तूनख्वा एसेम्बली और संसद को इसका अनुमोदन करना चाहिए।
खान ने 30 अक्तूबर को खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवादी हमलों में मरने वालों के आंकड़े सीनेट अथवा उपरी सदन में सवालों का जवाब देते हुए पेश किए थे। आवामी नेशनल पार्टी सीनेटर जाहिद खान ने खान के आंकड़ों को वास्तविकता से कम और झूठ का पुलिंदा करार दिया था।
इस घटना के बाद गृह मंत्री और रब्बानी के बीच बहस हुई, जिसके बाद विपक्ष ने बहिर्गमन किया और सत्र का बहिष्कार किया।