उद्योग मंडल एसोचैम ने एक सर्वेक्षण में यह निष्कर्ष निकाला है।
इसके अनुसार, े रपये में पिछले छह महीने में आई गिरावट के कारण भारतीय रीयल एस्टेट डेवल्परों को एनआरआई आधारित खरीद पूछताछ 35 प्रतिशत बढने का अनुमान है। रपये में गिरावट से संपत्तियों की बिक्री बढी है क्योंकि लोग अपने धन को फायदे में लगाना चाहते हैं। े
सर्वे के अनुसार बंेगलूर एनआरआई के लिए सबसे पसंदीदा संपत्ति निवेश गंतव्य के रूप में उभरा है। उसके बाद चेन्नई, मुंबई, अहमदाबाद तथा देहरादून का नंबर आता है।
संगठन का कहना है कि फिलहाल भारत में संपत्ति खरीदने पर प्रवासी भारतीयों को लगभग 20-30 प्रतिशत बचत हो सकती है।
भाषा