रिचर्डसन ने कहा कि बीसीसीआई को डीआरएस स्वीकार करने में लंबा समय लगेगा लेकिन इसमें अनिल कुंबले जैसे पूर्व खिलाड़ी अहम भूमिका निभा सकते हैं । कुंबले आईसीसी की क्रिकेट समिति के अध्यक्ष हैं ।
रिचर्डसन ने कहा , अभी बीसीसीआई इस पर हामी भरने नहीं जा रहा । मुझे लगता है कि सिर्फ प्रशासक ही नहीं बल्कि अनिल कुंबले जैसेे लोग भी बोर्ड को मनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं ।
उन्होंने बीबीसी से कहा , कुंबले भारतीय टीम का कप्तान था जब बोर्ड ने डीआरएस पहली बार प्रयोग में लाई थी । तकनीक उस समय इतनी अच्छी नहीं थी । खिलाडि़यों को इसकी आदत नहीं थी और जितनी भी बार भारत ने डीआरएस लिया, फैसला उसके खिलाफ गया ।
रिचर्डसन ने कहा , सहवाग या उनका कोई स्टार बल्लेबाज बॉल ट्रैकिंग से गलती से आउट करार दिया गया था ।
भारत ने पहली बार 2008 में श्रीलंका के खिलाफ श्रृंखला में डीआरएस का इस्तेमाल किया था ।
रिचर्डसन ने कहा , कुंबले भारतीय क्रिकेट में काफी प्रभावी व्यक्ति है और वह हमारी तकनीकी समिति में भी है । एक बार ये लोग डीआरएस के फायदों के बारे में सोचने लगे तो तेंदुलकर , धोनी जैसे खिलाड़ी इसके लिये आश्वस्त हो जायेंगे और फिर क्रिकेट प्रशासक भी राजी होंगे ।