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PNB को एमटीएनएल से ₹400 करोड़ की रिकवरी की उम्मीद, मार्जिन पर होगा 10 से 15 आधार अंक असर

पीएनबी एमडी अशोक चंद्रा बोले—वित्त वर्ष 2026 में 16,000 करोड़ की रिकवरी का लक्ष्य पूरा होने की राह पर, ब्याज दर कटौती से मार्जिन पर सीमित असर

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हर्ष कुमार   
Last Updated- January 09, 2026 | 8:41 AM IST

पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) को वित्त वर्ष 2026 की मौजूदा तिमाही (जनवरी-मार्च) में महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) के खाते से 400 करोड़ रुपये से अधिक की रिकवरी की उम्मीद है। सरकारी स्वामित्व वाले बैंक को चालू तिमाही में गैर निष्पादित संपत्ति (एनपीए) खातों को बेचकर 300-500 करोड़ रुपये की रिकवरी की भी उम्मीद है। बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी अशोक चंद्रा का नई दिल्ली में हर्ष कुमार के साथ साक्षात्कार के संपादित अंश:

आपके एक बड़े खाते में 2400 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की जानकारी दी गई थी। उस खाते की क्या स्थिति है?

आप जिस खाते की बात कर रहे हैं, वह श्रेय ग्रुप का है, जिसमें श्रेय इन्फ्रास्ट्रक्चर भी शामिल है। यह पुराना खाता है, जिसका नैशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (एनएआरसीएल) के माध्यम से पहले ही समाधान हो चुका है। यहां दो पहलू हैं। पहला- समाधान प्रक्रिया, जो पहले ही पूरी हो चुकी है। दूसरा- फोरेंसिक ऑडिट और धोखाधड़ी की घोषणा, इसकी भी जांच और प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

रिकवरी पहले ही शुरू कर दी गई है, और एनएआरसीएल अपनी स्थापित प्रक्रियाओं के माध्यम से वसूली
जारी रखेगा।

अभी एनपीए की स्थिति क्या है?

हमारी योजना अधिकांश एनपीए खातों पर विचार करने की है। चालू तिमाही में केवल कुछ खाते ही बेचे गए हैं। जनवरी सहित चौथी तिमाही में हमने पहले ही सप्ताह में संपत्ति पुनर्गठन कंपनी (एआरसी) सेल को 20 से अधिक खाते दिखाए हैं। हमें इस मार्ग से 300-500 करोड़ रुपये की वसूली की उम्मीद है।

एमटीएनएल खाते पर नवीनतम जानकारी क्या है?

बातचीत जारी है और समाधान की उम्मीद दिख रही है। मुझे उम्मीद है कि चौथी तिमाहीत तक हम रिकवरी में सक्षम होंगे। इस खाते में हमारा एक्सपोजर 400 करोड़ रुपये से अधिक है। भारत सरकार और संबंधित मंत्रालय सहित हितधारकों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। हमारा ध्यान पूरी राशि की वसूली पर बना हुआ है, और मुझे सकारात्मक परिणाम की उम्मीद है।

वित्त वर्ष 2026 में रिकवरी का लक्ष्य क्या है, और अब तक कितनी प्रगति हुई है?

वित्त वर्ष 2026 में 16,000 करोड़ रुपये रिकवरी का लक्ष्य था। अंतिम आंकड़ा ऑडिट के बाद उपलब्ध होगा, लेकिन वर्तमान रुझानों के आधार पर हम इस लक्ष्य को पूरा करने और यहां तक कि पार करने के लिए की राह पर हैं।

क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के आईपीओ और समेकन की क्या स्थिति है?

क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के लिए आईपीओ प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। जहां तक समेकन का सवाल है, आईटी इंटीग्रेशन पूरा हो चुका है।

क्या ब्याज दर में कटौती से बैंक के मार्जिन पर असर पड़ रहा है?

दर में कटौती से पूरे बैंकिंग क्षेत्र पर असर पड़ता है। निकट भविष्य में प्रभाव करीब 5से 10 आधार अंक हो सकता है। हमारी सावधि जमाओं के लगभग 65-70 प्रतिशत का फिर से ब्याज निर्धारण हो चुका है। शेष का मूल्य निर्धारण वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही तक किया जाएगा। मूल्य निर्धारण पूरा होने के बाद हमें जमा की लागत में 60 से 70 आधार अंकों की कमी की उम्मीद है, जिससे मार्जिन बढ़ेगा।

First Published : January 9, 2026 | 8:41 AM IST