सॉफ्टवेयर क्षेत्र की वैश्विक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट जल्द ही श्रम और रोजगार मंत्रालय के साथ मिलकर आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) वाला चैटबोट शुरू करेगी, ताकि श्रमिकों को ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराने के बारे में जानकारी मिल सके। इससे श्रमिकों को रेज्यूम बनाने में मदद मिलेगी और वे नैशनल करियर सर्विस पोर्टल पर बेहतर काम पा सकेंगे। कंपनी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को यह जानकारी दी।
श्रम और रोजगार मंत्रालय में रोजगार की उप महानिदेशक अंजलि रावत ने कहा कि भविष्य में इन पोर्टल से मिले डेटा से सरकार को श्रमिकों के कौशल को भारत और विदेश में नौकरी के अवसरों से मिलान करने के लिए श्रम नीति बनाने में मदद मिल सकती है। कंपनी ने कहा कि इस पहल के माध्यम से माइक्रोसॉफ्ट का लक्ष्य एआई के लाभ को 31 करोड़ से अधिक अनौपचारिक श्रमिकों तक पहुंचाना है।
ई श्रम पोर्टल अगस्त 2021 में देश के अनुमानित 40 करोड़ अनौपचारिक श्रमिकों को पंजीकृत करने के लिए लॉन्च किया गया था, क्योंकि उनमें से कई ने कोविड-19 के कारण हुए लॉकडाउन में अपनी नौकरी गंवा दी थी। माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट की अजूरे सेवाओं पर चलने वाला यह पोर्टल प्रति सेकंड 1,72,000 तक पूछताछ का संचालन कर सकता है। पहले भी यह एक ही दिन में 80 लाख तक पंजीकरण कर चुका है।
कंपनी ने कहा, ‘सरकार के एआई सक्षम भाषा प्लेटफॉर्म भाषिणी के एकीकरण के साथ ई-श्रम पर फोन या कंप्यूटर के माध्यम से पंजीकरण करना आसान हो गया है। यह माइक्रोसॉफ्ट अजूरे पर भी होस्ट किया गया है और इसमें 22 स्थानीय भाषाओं में रियल-टाइम अनुवाद की सुविधा है।’
इससे पहले मंगलवार को माइक्रोसॉफ्ट ने कहा था कि वह भारत के क्लाउड और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) इन्फ्रास्ट्रक्चर, कौशल और चल रहे कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए 2026 और 2029 के बीच भारत में 17.5 अरब डॉलर निवेश करेगी। कंपनी ने कहा कि यह इस साल जनवरी में भारत के लिए घोषित 3 अरब डॉलर निवेश के अतिरिक्त होगा।