विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल
India-US trade deal: विदेश मंत्रालय (MEA) ने गुरुवार को ब्लूमबर्ग की उस खबर का खंडन किया, जिसमें दावा किया गया था कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (US Secretary of State Marco Rubio) से बातचीत करने के लिए वाशिंगटन का दौरा किया था।
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में इस रिपोर्ट को गलत बताया। उन्होंने कहा कि इस खबर में कोई सच्चाई नहीं है। जायसवाल ने साफ कहा, “इस रिपोर्ट का कोई आधार नहीं है। ऐसी कोई बैठक या ऐसा कोई दौरा नहीं हुआ है।”
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अजीत डोभाल अमेरिका गए थे ताकि यह संदेश दे सकें कि भारत द्विपक्षीय रिश्तों में आए तनाव को पीछे छोड़कर व्यापार समझौते पर बातचीत फिर से शुरू करना चाहता है।
रिपोर्ट में दावा किया गया कि डोभाल ने मार्को रुबियो से कहा कि भारत अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप या उनके शीर्ष सहयोगियों के दबाव में नहीं आएगा और उनके कार्यकाल का इंतजार करने के लिए तैयार है। इसमें यह भी कहा गया कि नई दिल्ली पहले भी अमेरिका के कठिन प्रशासन के साथ काम कर चुकी है।
हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत चाहता था कि ट्रंप और उनकी टीम सार्वजनिक आलोचना को कम करें ताकि संबंधों को फिर से पटरी पर लाया जा सके। उस समय, ट्रंप और कई उच्च पदस्थ अधिकारियों ने यूक्रेन संघर्ष के बावजूद रूस से तेल खरीदने और उच्च शुल्क वसूलने के लिए भारत की सार्वजनिक रूप से आलोचना की थी।
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करीब एक साल चली बातचीत के बाद इस हफ्ते की शुरुआत में भारत और अमेरिका ने एक व्यापार समझौते की घोषणा की। इस समझौते के तहत भारतीय निर्यात पर टैरिफ 25 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है।
2 फरवरी को डॉनल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के जरिए इस समझौते की जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस डील की पुष्टि की। उन्होंने कहा, “मेरे प्रिय मित्र राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से बात करके खुशी हुई। यह जानकर प्रसन्नता है कि ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों पर अब टैरिफ घटकर 18 फीसदी हो जाएगा।”
हालांकि, इस व्यापार समझौते का पूरा ब्योरा अभी आना बाकी है। प्रधानमंत्री मोदी ने टैरिफ में कटौती के अलावा अन्य विवरण साझा नहीं किए, लेकिन ट्रंप ने कहा कि भारत अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को शून्य तक घटाने और अमेरिकी उत्पादों की खरीद में बड़ी बढ़ोतरी करने पर सहमत हुआ है।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर अपनी पोस्ट में कहा, “उन्होंने (मोदी ने) ‘बाय अमेरिकन’ के लिए भी बहुत बड़े स्तर पर प्रतिबद्धता जताई है। इसके तहत 500 अरब डॉलर से अधिक के अमेरिकी ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला और कई अन्य उत्पादों की खरीद शामिल है।”