facebookmetapixel
Advertisement
RBI का बड़ा प्रस्ताव: अब एक ही जमा श्रेणी पर ग्राहकों को अलग-अलग ब्याज दे पाएंगे बैंकरुपये की गिरावट से बदले अमीरों के सुर! डॉलर पर फिदा हुए देश के धनाढ्य, विदेश में निवेश की मची होड़MSCI EM इंडेक्स के टॉप 10 शेयरों में एक भी भारतीय कंपनी नहीं, पिछले दो दशकों में पहली बार हुआ ऐसापेट्रोल-डीजल की महंगाई का असर: देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री तेज, मई में रिकॉर्ड 11% हुई हिस्सेदारीतेल कंपनियों को मामूली राहत: ईंधन के दाम बढ़ने से OMC का घाटा हुआ कम, पर चुनौती अभी भी बरकरार12वीं के नतीजों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, परीक्षा प्रबंधन और रुके हुए रिजल्ट को लेकर CBSE से मांगा जवाबभाजपा के खिलाफ ‘इंडिया’ गठबंधन का एकजुटता का संकल्प, ममता बोलीं: आपसी बयानबाजी से बचें विपक्षी दलमोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर देशव्यापी जश्न मनाएगा NDA, बुधवार को दिल्ली में जुटेंगे गठबंधन के सभी नेतापश्चिम एशिया में दोबारा भड़की युद्ध की आग: भारत ने जताई गहरी चिंता, भारतीयों को तुरंत ईरान छोड़ने की सलाहईरान-इजरायल तनाव से हिला फॉरेक्स मार्केट, एक ही दिन में 0.8% टूटकर 95.71 पर पहुंचा रुपया

Vedanta विभिन्न स्रोतों से जुटाएगी रकम

Advertisement

वेदांत रिसोर्सेज के पास खनन कंपनी में 80 फीसदी हिस्सेदारी है। कंपनी ने कहा विमर्श अभी संवेदनशील चरण में है इसलिए वह साझेदारों और निवेशकों के नामों का खुलासा नहीं कर सकती है।

Last Updated- April 23, 2024 | 10:09 PM IST
vedanta demerger

अरबपति कारोबारी अनिल अग्रवाल के स्वामित्व वाली वेदांत रिसोर्सेज (Vedanta Resources) ने अपने कोंकोला तांबा खदान परिसंपत्ति के लिए रकम जुटाने के वास्ते स्टैंडर्ड चार्टेड बैंक को रखा है। बैंक का कहना है कि जांबियन परियोजना के अल्पावधि रकम जुटाने और दीर्घावधि इक्विटी के जरिये रकम जुटाने के लिए कई संभावित भागीदारों के साथ काम कर रहा है।

वेदांत के अधिकारी ने कहा है कि कोंकोला कॉपर माइंस (केसीएम) का परिचालन शुरू करने के लिए रकम जुटाने की प्रक्रिया में और मूल्य सृजन को रफ्तार देने की रणनीति में पूंजी आवंटन को उपयुक्त बनाने और विस्तार को रफ्तार देने की प्रतिबद्धता एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा है।

वेदांत के प्रवक्ता ने कहा, ‘हम पुष्टि कर सकते हैं कि स्टैंडर्ड चार्टड बैंक वेदांत को अपने पूंजी ढांचे के प्रबंधन के लिए व्यापक रणनीति बनाने में कंपनी की मदद कर रहा है। साथ ही बैंक ने कंपनी को आश्वस्त किया है कि उसके पास परिचालन जारी रखने के लिए रकम की कोई कमी नहीं होगी।

कंपनी ने उन खबरों पर प्रतिक्रिया दी है जिनमें कहा गया था कि दुबई की फंड इंटरनैशनल रिसोर्सेज होल्डिंग्स ने जांबिया परियोजा में 1 अरब डॉलर में हिस्सेदारी खरीदने की पेशकश की है।

वेदांत रिसोर्सेज के पास खनन कंपनी में 80 फीसदी हिस्सेदारी है। कंपनी ने कहा विमर्श अभी संवेदनशील चरण में है इसलिए वह साझेदारों और निवेशकों के नामों का खुलासा नहीं कर सकती है। वीआरएल असूचीबद्ध कंपनी जबकि उसकी भारतीय इकाई वेदांत लिमिटेड भारतीय शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनी है। वेदांत लिमिटेड का शेयर मंगलवार को 377 रुपये पर बंद हुआ। वीआरएल की भारतीय कंपनी में 61.95 फीसदी हिस्सेदारी है।

वेदांत ने कहा कि वह जांबिया और वहां के लोगों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अगले 10 वर्षों में सालाना 30 लाख मीट्रिक टन से अधिक तांबे के उत्पादन के लिए देश के नजरिये के साथ पूरी तरह साथ है। प्रवक्ता ने कहा, ‘कंपनी को जांबियन उच्च न्यायालय में सभी लंबित मसलों के त्वरित समाधान की उम्मीद है।’

Advertisement
First Published - April 23, 2024 | 9:51 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement