facebookmetapixel
SME शेयर मामले में 26 लोगों पर सेबी की पाबंदी, ₹1.85 करोड़ का जुर्माना लगायाRupee vs Dollar: कंपनियों की डॉलर मांग से रुपये में कमजोरी, 89.97 प्रति डॉलर पर बंदGold-Silver Price: 2026 में सोने की मजबूत शुरुआत, रिकॉर्ड तेजी के बाद चांदी फिसलीतंबाकू कंपनियों पर नए टैक्स की चोट, आईटीसी और गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयरों में भारी गिरावटम्युचुअल फंड AUM ग्रोथ लगातार तीसरे साल भी 20% से ऊपर रहने की संभावना2025 में भारती ग्रुप का MCap सबसे ज्यादा बढ़ा, परिवार की अगुआई वाला देश का तीसरा सबसे बड़ा कारोबारी घराना बनावित्त मंत्रालय का बड़ा कदम: तंबाकू-सिगरेट पर 1 फरवरी से बढ़ेगा शुल्कAuto Sales December: कारों की बिक्री ने भरा फर्राटा, ऑटो कंपनियों ने बेच डालें 4 लाख से ज्यादा वाहनकंपस इंडिया अब ट्रैवल रिटेल में तलाश रही मौके, GCC पर बरकरार रहेगा फोकसलैब में तैयार हीरे की बढ़ रही चमक, टाइटन की एंट्री और बढ़ती फंडिंग से सेक्टर को मिला बड़ा बूस्ट

पूंजी बढ़ाएं बीमा कंपनियां : Irdai chief

Last Updated- April 13, 2023 | 9:23 AM IST
insurance sector

भारतीय बीमा नियामक एवं ‍विकास प्राधिकरण के चेयरमैन देवाशिष पांडा ने बुधवार को कहा कि वर्तमान समय में बीमा कंपनियों को पूंजी का आधार तेजी से बढ़ाना चाहिए। इसे हालिया स्तर की तुलना तेजी से बढ़ाया जाए। लिहाजा इन कंपनियों को पूंजी का आधार बढ़ाने के लिए बोर्ड से संपर्क करना चाहिए।

पांडा ने 22वीं सालाना बीमा कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘मैं आप सभी (कंपनियों) से कहूंगा कि अपने बोर्ड से संपर्क कर पूंजी को बढ़ाने पर विचार करें। हमें अनुमान है कि आने वाले समय में वृ​द्धि पहले से कहीं तेज होगी। लिहाजा इस क्षेत्र में और पूंजी की जरूरत होगी। ’’

उन्होंने कहा कि विदेशी साझेदारों के साथ संयुक्त उपक्रम स्थापित करने वाली इंश्योरेंस कंपनियों को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा 49 फीसदी से बढ़ाकर 74 फीसदी करने का लाभ उठाना चाहिए। इससे वे अपने साझेदारों से अधिक पूंजी प्राप्त कर सकेंगे और इसे उन्हें तेज गति से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

पांडा ने कहा, ‘‘प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मार्ग से अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए निवेश को परिदृश्य को फिर से बेहतर बनाया गया है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा 49 फीसदी से बढ़ाकर 74 फीसदी कर दी गई है। लिहाजा जिन कंपनियों के विदेशी साझेदार हैं, वे इस अवसर का लाभ अधिक निवेश प्राप्त करने के लिए करें। इससे वे हालिया गति से तेज गति से बढ़ सकेंगे।’’

इससे पहले पांडा ने कहा था कि देश में हालिया स्तर से अपनी पहुंच दोगुनी करने के लिए बीमा क्षेत्र को हर साल 50,000 करोड़ अतिरिक्त पूंजी की जरूरत है। वर्ष 2021-22 के दौरान भारत में बीमा क्षेत्र का प्रसार 4.2 फीसदी था जो बीते साल 2020-21 के समान ही था।

First Published - April 13, 2023 | 9:01 AM IST

संबंधित पोस्ट