facebookmetapixel
Advertisement
Infosys Q1 Results: अनिश्चित वैश्विक माहौल से इन्फोसिस ने घटाया ग्रोथ आउटलुक, मुनाफा 12.2% बढ़ासुधारों में देरी से अधर में लटक जाएगा हमारे युवाओं का भविष्य: मोंटेक सिंह आहलुवालिया1991 के आर्थिक सुधारों के 35 साल: उपलब्धियां बड़ी, लेकिन अधूरे एजेंडे अब भी भारत के सामनेफूड डिलिवरी बाजार में उतरेगी फ्लिपकार्ट, अगस्त-सितंबर में ONDC के जरिए होगी शुरुआतसरकार ने ई-कॉमर्स FDI नियमों में दी बड़ी राहत, निर्यात के लिए इन्वेंटरी मॉडल को मंजूरीInfosys में नेतृत्व परिवर्तन: आशिष कुमार दास होंगे नए सीईओ, 1 अप्रैल 2027 से संभालेंगे कमानतेल में तेजी से महंगाई बढ़ने की आशंका, सोना 2 फीसदी टूटाहूती हमलों से तेल बाजार में उथल-पुथल, ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचाकच्चे तेल में उछाल से शेयर बाजार की बिगड़ी चाल, सेंसेक्स 364 अंक टूटाSEBI का बड़ा प्रस्ताव: ऑनलाइन विवाद निपटान प्रणाली होगी तेज, MII संभालेंगे ओडीआर की जिम्मेदारी

भारतीय कंपनियों के कर्ज मुक्त होने की रफ्तार धीमी

Advertisement

भारतीय कंपनियों की कर्ज-मुक्त होने की रफ्तार धीमी रहेगी, लेकिन कई कंपनियां लगातार कर्ज घटाने में सफल रहेंगी।

Last Updated- July 05, 2023 | 12:06 AM IST
Microfinance loans grow 21.3% YoY to Rs 3.5 trn in FY23, says report

वैश्विक रेटिंग एजेंसी एसऐंडपी ने कहा है कि बढ़ते पूंजीगत खर्च की वजह से भारतीय कंपनियों की कर्ज-मुक्त होने की रफ्तार धीमी रहेगी, लेकिन कई कंपनियां लगातार कर्ज घटाने में सफल रहेंगी।

एसऐंडपी ने एक बयान में कहा है कि वित्तीय अनुशासन और मजबूत परिचालन नकदी प्रवाह से पिछले तीन वर्षों में भारतीय कंपनियों को कर्ज में बड़ी गिरावट लाने में मदद मिली।

रेटिंग वाली कंपनियों के पोर्टफोलियो के लिए कर्ज-एबिटा अनुपात मार्च 2024 तक एक साल पहले के 2.7 गुना से घटकर करीब 2.4 गुना रह जाएगा। इसमें मार्च 2020 के 4.3 गुना के आंकड़े से बड़ी गिरावट आई थी। ऋण-एबिटा अनुपात के आकलन में कर्ज-मुक्त आईटी कंपनियों और इन्फ्रास्ट्रक्चर/यूटिलिटी कंपनियों को अलग रखा गया है, जो अक्सर ज्यादा कर्ज से जुड़ी होती हैं।

एसऐंडपी ने ‘कॉरपोरेट इंडिया इज ऑन ए स्ट्रॉन्गर क्रेडिट फुटिंग’ रिपोर्ट में कहा गया है कि इन्फ्रास्ट्रक्चर/यूटिलिटी कंपनियों के लिए कर्ज मार्च 2024 तक घटकर करीब 5.2 गुना रह जाने का अनुमान है, जो मार्च 2023 तक 6.3 गुना पर था।

एजेंसी ने 33 कंपनियों को रेटिंग दी है, जिनमें टाटा और अदाणी समूह जैसे निजी व्यावसायिक घराने और ओएनजीसी व एनटीपीसी जैसे सरकारी उद्यम शामिल हैं। एसऐंडपी का कहना है कि जिन भारतीय कंपनियों को उसने रेटिंग दी है, वे मजबूत वृद्धि और बैलेंस शीट की वजह से अच्छी ऋण क्षमता से संपन्न हैं।

Advertisement
First Published - July 5, 2023 | 12:06 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement