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E-Vitara लॉन्च के साथ इलेक्ट्रिक कार बाजार में उतरी Maruti Suzuki, BaaS मॉडल पर बड़ा दांव

मारुति सुजूकी ने 49 केडब्ल्यूएच की बैटरी से चलने वाली ई-विटारा की शुरुआती कीमत 10.99 लाख रुपये घोषित की, जिसमें 3.99 रुपये प्रति किलोमीटर की बैटरी ईएमआई शामिल है

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सोहिनी दास   
Last Updated- February 17, 2026 | 10:01 PM IST

पिछले जनवरी में ई-विटारा के अनावरण और लंबे इंतजार के बाद मारुति सुजूकी इंडिया (एमएसआईएल) ने मंगलवार को इस कार के लॉन्च के साथ औपचारिक रूप से भारत के इलेक्ट्रिक यात्री वाहन बाजार में प्रवेश किया। कंपनी बैटरी ऐज़ ए सर्विस (बीएएएस), आक्रामक फाइनैंसिंग और देशव्यापी चार्जिंग और सर्विस इकोसिस्टम के संयोजन पर दांव लगा रही है ताकि ऐसे बाजार में ईवी को अपनाने की रफ्तार को बढ़ाया जा सके, जहां पिछले दो वर्षों से इसकी पैठ 4-5 फीसदी पर अटकी हुई है।

मंगलवार को मारुति सुजूकी ने 49 केडब्ल्यूएच की बैटरी से चलने वाली ई-विटारा की शुरुआती कीमत 10.99 लाख रुपये घोषित की, जिसमें 3.99 रुपये प्रति किलोमीटर की बैटरी ईएमआई शामिल है। कंपनी ने उन ग्राहकों के लिए कीमतों का खुलासा नहीं किया, जो बैटरी ऐज़ ए सर्विस (बीएएएस) का विकल्प या उच्चतर वेरिएंट नहीं चुनना चाहते। कंपनी ने कहा कि विवरण आने वाले हफ्तों में जारी किए जाएंगे।

शुरुआती कीमत काफी प्रतिस्पर्धी है, जहां ई-विटारा का मुकाबला ह्युंडै क्रेटा ईवी (18 लाख रुपये से शुरू), महिंद्रा बीई 6 (18.9 लाख रुपये), एमजी जेडएस ईवी (17.9 लाख रुपये) और टाटा कर्व (18 लाख रुपये) से है। भारत में बैटरी से चलने वाली इलेक्ट्रिक वाहनों की कुल बिक्री में मिड एसयूवी सेगमेंट का हिस्सा 40 फीसदी है, जो इसे इलेक्ट्रिक वाहन बाजार का सबसे बड़ा सेगमेंट बनाता है। हर महीने औसतन 17,594 इलेक्ट्रिक वाहनों की डि​लिवरी होती है, जिनमें से लगभग 40 फीसदी मिड-एसयूवी की होती हैं।

देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी भी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों द्वारा पहले से आजमाए गए रास्ते पर चल रही है। मारुति का बीएएएस मॉडल अपनाने का कदम जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया द्वारा बैटरी सदस्यता आधारित स्वामित्व मॉडल के साथ शुरुआती सफलता दिखाने के बाद आया है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत और बैटरी के डेप्रिसिएशन को लेकर चिंतित ग्राहकों के लिए शुरुआती खरीद लागत कम करने में मदद मिली है।

मारुति सुजूकी इंडिया के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (विपणन एवं बिक्री) पार्थो बनर्जी ने इस लॉन्च को एक उत्पाद लॉन्च के बजाय एक पीढ़ीगत बदलाव के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा, पैंतालीस साल पहले इसी फरवरी महीने में मारुति की स्थापना एक स्पष्ट मकसद के साथ की गई थी – भारत को पहियों पर लाना। आज, एक बार फिर फरवरी में हम एक ऐसे परिवर्तनकारी सफर पर निकलने के लिए तैयार हैं, जो वाहन उद्योग को पूरी तरह से नया रूप देगा।

शुरुआती उत्पाद लॉन्च को प्राथमिकता देने वाले प्रतिद्वंद्वियों के विपरीत मारुति ने कहा कि उसने पिछले दो वर्षों में एक संपूर्ण इलेक्ट्रिक वाहन स्वामित्व ढांचा तैयार करने में बिताए हैं। बनर्जी ने कहा, हमारी चुप्पी के दौरान उद्योग में अटकलें लगाई जा रही थीं। लेकिन उस समय का उपयोग ग्राहकों की चिंताओं को दूर करने और एक ऐसा इलेक्ट्रिक वाहन इकोसिस्टम बनाने में किया गया, जो अपनाने में आने वाली हर बाधा को दूर करता है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन की सफलता केवल उत्पाद के बारे में नहीं है बल्कि संपूर्ण स्वामित्व पैकेज के बारे में है।

कंपनी अब उत्पादन बढ़ाने की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। बनर्जी ने कहा कि मारुति के गुजरात संयंत्र की सालाना उत्पादन क्षमता 1,00,000 वाहन है, लेकिन इसी उत्पादन लाइन का उपयोग कई आवश्यकताओं के लिए किया जाता है – घरेलू मांग, निर्यात, ओईएम आपूर्ति और अन्य मॉडल, जिनकी पहले से ही लंबी प्रतीक्षा अवधि है।

उन्होंने कहा, इसके परिणामस्वरूप हमें अल्पकालिक उत्पादन संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। घरेलू उत्पादन और निर्यात प्रतिबद्धताओं के बीच संतुलन बनाए रखना जुलाई तक चुनौती बना रहेगा। जुलाई के बाद, हम उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना बना रहे हैं, जिससे हमें ग्राहकों को बेहतर सेवा देने और प्रतीक्षा अवधि कम करने में मदद मिलेगी। हमारा मकसद सभी मॉडलों में संतुलन बनाए रखना है। साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि ग्राहकों को अत्यधिक देरी का सामना न करना पड़े। ई-विटारा की डिलिवरी शुरू हो चुकी है और टेस्ट ड्राइव तुरंत शुरू हो रही हैं।

बीएएएस, बायबैक और फाइनैंसिंग

मारुति की रणनीति का मुख्य आधार बीएएएस (बैटरी असिस्टेंस) योजना है, जिसे दोहरे ऋण ढांचे के रूप में पेश किया जाता है, जिसमें वाहन की शुरुआती कीमत से बैटरी की लागत हटा दी जाती है। इस योजना के तहत, ई-विटारा की शुरुआती कीमत 10.99 लाख रुपये है, जिसमें बैटरी के उपयोग पर 3.99 रुपये प्रति किलोमीटर का शुल्क लगता है। यह गणना प्रतिदिन 60 किलोमीटर वाहन चलने के आधार पर की गई है, जिसमें चार्जिंग लागत शामिल नहीं है। कंपनी ने ‘ई-फ्लेक्स’ योजना भी शुरू की है, जिसके तहत ग्राहक अपनी मौजूदा कारों से ई-विटारा में लगभग समान ईएमआई पर अपग्रेड कर सकते हैं।

इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक रीसेल संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए मारुति एक सुनिश्चित बायबैक कार्यक्रम पेश कर रही है। बनर्जी ने कहा, बायबैक आश्वासन इलेक्ट्रिक वाहनों के रीसेल मूल्य को लेकर ग्राहकों की एक बड़ी चिंता का समाधान करता है। कई ग्राहक इस बात को लेकर चिंतित रहते हैं कि क्या चार या पांच साल बाद भी इलेक्ट्रिक वाहनों का मूल्य बरकरार रहेगा। तीन साल/45,000 किमी की योजना में 60 फीसदी तक सुनिश्चित बायबैक मूल्य मिलता है, जबकि चार साल/60,000 किमी की योजना में 50 फीसदी की गारंटी है।

उन्होंने कहा, हमें उम्मीद नहीं है कि बहुत से ग्राहक वास्तव में इस विकल्प का उपयोग करेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को भरोसा दिलाना है। उन्होंने यह भी बताया कि बैटरी का परीक्षण -30 डिग्री से 60 डिग्री सेल्सियस तक के अत्यधिक तापमान में किया गया है और इसी तरह का वाहन पहले से ही यूरोप और जापान को निर्यात किया जा रहा है। मारुति की प्रतिद्वंद्वी कंपनियां जैसे कि जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया भी बायबैक गारंटी की पेशकश कर रही हैं। दिसंबर में, कंपनी ने अपने इस कार्यक्रम को तीन साल से बढ़ाकर पांच साल कर दिया, जिसमें चुनी गई अवधि के आधार पर 40-60 फीसदी रीसेल मूल्य की गारंटी दी गई है।

चार्जिंग और सर्विस इकोसिस्टम

लॉन्च के समय मारुति के पास देशभर में 2,000 से अधिक चार्जिंग पॉइंट होंगे, जिनमें से चार्जर नेक्सा डीलरशिप पर लगाए जाएंगे। जहां जगह या बिजली की कमी होगी, वहां चार्जर वर्कशॉप या ट्रू वैल्यू आउटलेट पर लगाए जाएंगे। कंपनी ने अपने ईवी ऐप पर 14,000 से अधिक चार्जर इंटीग्रेट किए हैं और शुरुआती खरीदारों को एक साल की मुफ्त चार्जिंग, मुफ्त होम चार्जर और इंस्टॉलेशन की सुविधा दे रही है। सर्विस कवरेज एक प्रमुख विशिष्टता बनी हुई है। मारुति ने कहा कि 1,500 से अधिक वर्कशॉप इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए तैयार हैं, जिनमें 1,50,000 प्रशिक्षित तकनीशियन हैं। साथ ही चार्जिंग क्षमता से लैस मोबाइल सर्विस वैन भी उपलब्ध हैं।

फर्स्ट100 ई-विटारा का क्लब

आपूर्ति संबंधी बाधाओं और अपने दीर्घकालिक साझेदारों को ध्यान में रखते हुए मारुति ने फर्स्ट 100 ई विटारा क्लब की स्थापना की है, जिसमें दशकों से कंपनी से जुड़े डीलरों, विक्रेताओं और कॉरपोरेट ग्राहकों को प्राथमिकता दी गई है।

First Published : February 17, 2026 | 9:59 PM IST