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AI स्टार्टअप्स की चांदी: 16 वेंचर कैपिटल फर्म मिलकर करेंगे 31 भारतीय कंपनियों में ₹500 करोड़ का निवेश

इस कार्यक्रम के तहत आईवीसीए ने इन कंपनियों में पैसा लगाने के लिए 16 वेंचर कैपिटल निवेशकों को एकजुट किया

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उदिशा श्रीवास्तव   
Last Updated- February 17, 2026 | 10:46 PM IST

इंडियन वेंचर ऐंड अल्टरनेट कैपिटल एसोसिएशन (आईवीसीए) के तहत 16 वेंचर कैपिटल (वीसी) फर्मों के कंसोर्टियम ने 31 स्वदेशी आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) स्टार्टअप कंपनियों में 500 करोड़ रुपये का निवेश करने की प्रतिबद्धता का आज ऐलान किया। यह विशेष रूप से भारत में निर्मित एआई कंपनियों पर केंद्रित सबसे बड़ी समन्वित वित्तीय सहायता के प्रयासों में से एक है। यह घोषणा इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के मौके पर की गई।

इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इम्पैक्ट एआई पिचफेस्ट का आयोजन किया था। इसमें उद्यम और सार्वजनिक प्रभाव वाले क्षेत्रों में इस्तेमाल किए जा सकने वाले समाधानों का निर्माण करने वाली 31 एआई स्टार्टअप कंपनियों की प्रस्तुतियों को दिखाया गया था। इस कार्यक्रम के तहत आईवीसीए ने इन कंपनियों में पैसा लगाने के लिए 16 वेंचर कैपिटल निवेशकों को एकजुट किया।

इन निवेशकों में 3वन4 कैपिटल, 888वीसी, ऐक्सल वेंचर्स, अंकुर कैपिटल, एंटलर, बाउंडलेस वेंचर्स, कैपिटल ए, चिराटे वेंचर्स, डलास वीसी, इन्फ्लेक्शन पॉइंट वेंचर्स, माउंट ग्रोथ फंड (कवच), पीक15 पार्टनर्स, पाइपर सेरिका, प्रोसस, सीफंड और सेंसएआई शामिल थे।

इस निवेश के संबंध में इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव अभिषेक सिंह ने कहा, ‘एआई के प्रति भारत का दृष्टिकोण वास्तविक दुनिया में इस्तेमाल, सार्वजनिक मूल्य और समावेशी पैमाने पर आधारित है।

इम्पैक्ट एआई पिचफेस्ट भारत के एआई के पारिस्थितिकी तंत्र की बढ़ती परिपक्वता को दर्शाता है। यह देखना उत्साहजनक है कि संरचित वैकल्पिक पूंजी की भागीदारी उन स्टार्टअप कंपनियों का समर्थन कर रही है, जो इस्तेमाल करने लायक, बड़े स्तर के समाधानों का निर्माण कर रही हैं। सरकार और उद्योग के बीच इस तरह का सहयोग भरोसेमंद और जिम्मेदार एआई में भारत के नेतृत्व को मजबूत करने के लिए केंद्र में होगा।’

वैकल्पिक पूंजी के पारिस्थितिकी तंत्र की तरफ से आईवीसीए के अध्यक्ष रजत टंडन ने कहा, ‘भारत का एआई पारिस्थितिकी तंत्र ऐसे चरण में प्रवेश कर रहा है जहां नवाचार को धैर्यवान पूंजी और संरचित समर्थन के साथ जोड़ा जाना चाहिए।’

First Published : February 17, 2026 | 10:46 PM IST