facebookmetapixel
Advertisement
Hyundai Motor India Q1 result: खर्च बढ़ने से मुनाफा 35% घटा, डिविडेंड के लिए तय की रिकॉर्ड डेटभारत में कीमत, भारत में हेज: ग्लोबल कमोडिटी बाजार में ‘प्राइस सेटर’ बनने की राह पर भारतफेड के ब्याज दरें न बढ़ाने के फैसले के बाद सोना-चांदी में क्या करें? एक्सपर्ट्स से जानें आगे निवेश की रणनीतिBajaj Finance Q1FY27 results: मुनाफा 27.4% बढ़कर ₹5,986 करोड़; AUM में 23.9% की बढ़ोतरीVedanta Q1FY27 results: कमजोर रुपये और महंगी धातुओं से मुनाफा 72% उछला, ₹5,473 करोड़ पहुंचाGold Demand: पीएम मोदी की अपील और महंगे सोने का असर, मांग 6% घटी; पर बरकरार रहा निवेशकों का भरोसा5paisa Capital खरीदेगी Trendlyne: ₹207 करोड़ में हुई डील, बनेगा देश का पहला AI-फर्स्ट ब्रोकरM&M Q1 Results: दमदार नतीजों से शेयर में आई तेजी, दिन के निचले स्तर से 4% से ज्यादा उछला स्टॉकआधार, पैन या पासपोर्ट गुम होने पर क्या करें? नया डॉक्यूमेंट पाने का आसान तरीकाJuniper Green Energy IPO: आज से खुला ₹1,800 करोड़ का IPO; जानें प्राइस बैंड, लॉट साइज, GMP और अन्य डीटेल

भारतीय पेशेवरों को एआई से अधिक सहकर्मियों पर भरोसा

Advertisement

83 फीसदी भारतीय पेशेवरों का मानना है कि फैसले लेते वक्त अंतर्ज्ञान और भरोसेमंद सहकर्मियों की राय अब भी एआई पर भारी है।

Last Updated- August 26, 2025 | 10:55 PM IST
62% of Indian professionals agree AI crucial for career: LinkedIn survey करियर में ग्रोथ चाहिए तो AI पर ज्ञान बढ़ाइए, LinkedIn सर्वे में 62% कर्मचारियों ने बताया फॉर्मूला

भले ही कार्यस्थल पर आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) तेजी से पांव पसार रहा है मगर जब फैसले लेने की घड़ी आती है तो इंसानों के फैसलों को ही तवज्जो दी जाती है। सबसे बड़े पेशेवर नेटवर्क लिंक्डइन के एक हालिया शोध में कहा गया है कि करीब 83 फीसदी भारतीय पेशेवरों का मानना है कि फैसले लेते वक्त अंतर्ज्ञान और भरोसेमंद सहकर्मियों की राय अब भी एआई पर भारी है।

यह जानकारी ऐसे समय में आई है जब सर्वेक्षण में शामिल 76 फीसदी लोगों ने कहा कि कार्यस्थल पर निर्णय लेने की रफ्तार बढ़ गई है और 72 फीसदी लोगों को ऐसा लगता है कि उनके करियर के अगले पड़ाव के लिए एआई में महारत हासिल करना जरूरी है।

भारतीय पेशेवर रोजमर्रा के कामकाज पूरा करने के लिए एआई अपना रहे हैं। वे फैसले लेने के लिए प्रौद्योगिकी पर भरोसा नहीं करते हैं। लिंक्डइन के शोध से पता चलता है कि 75 फीसदी लोग उचित फैसले लेने के बजाय एआई को लिखने और ड्राफ्ट करने के लिए उपयोगी मानते हैं। 76 फीसदी लोगों का कहना है कि जब चीजें मुश्किल हो जाती हैं तो फिर साथ काम करने वाले और प्रबंधक ही पूरे आत्मविश्वास के साथ फैसले लेने में मदद करते हैं और 83 फीसदी अधिकारी भी इससे इत्तेफाक रखते हैं कि अच्छे कारोबारी निर्णय अब भी इंसानों के फैसले पर ही निर्भर करते हैं।

लिंक्डइन करियर विशेषज्ञ और भारत की वरिष्ठ प्रबंध संपादक निराजिता बनर्जी कहती हैं, ‘एआई एक शानदार सहयोगी है मगर यह कोई बैसाखी नहीं है। यह तेजी से विकल्पों का मसौदा तैयार कर सकता है, उन्हें छांट सकता है और सामने ला सकता है, लेकिन याद रखें कि करियर आपके फैसलों, आपके रिश्तों और आपकी कहानी के दम पर ही आगे बढ़ता है। जरूरत पड़ने पर लोग किसी उपकरण को नहीं, बल्कि उन्हें बुलाते हैं जिन पर उन्हें भरोसा होता है। इसलिए, सार्थक संबंध बनाएं और एआई का उपयोग करके उन मानवीय कार्यों के लिए समय निकालें जो केवल आप ही कर सकते हैं।और जब आप यह सब नहीं कर सकते, तो अपने भरोसेमंद लोगों पर भरोसा करें।’

Advertisement
First Published - August 26, 2025 | 10:46 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement