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PM मोदी का बड़ा बयान, HCL-Foxconn OSAT JV भारत के सेमीकंडक्टर मिशन का अहम कदम; जेवर में लगेगा हाईटेक प्लांट

जेवर में एचसीएल और फॉक्सकॉन के संयुक्त ओएसएटी संयंत्र की आधारशिला रखी गई, जिससे भारत की सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता को नई मजबूती मिलेगी।

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आशीष आर्यन   
Last Updated- February 22, 2026 | 9:08 AM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश की सेमीकंडक्टर क्षमता को मजबूती देने की दिशा में एक अहम पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि गौतम बुद्ध नगर के जेवर में स्थापित होने जा रहा एचसीएल और फॉक्सकॉन का संयुक्त ओएसएटी संयंत्र भारत को चिप निर्माण क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से आयोजित शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत अब उन देशों की श्रेणी में शामिल होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जो आधुनिक उपकरणों को संचालित करने वाली उन्नत चिप्स का निर्माण करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर दोनों क्षेत्रों में समान रूप से प्रगति कर रहा है, जिससे तकनीकी विकास को नई गति मिलेगी।

करीब 3,700 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाली इस संयुक्त परियोजना का नाम इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड रखा गया है। यह 60:40 के अनुपात में एचसीएल समूह और फॉक्सकॉन के बीच साझेदारी पर आधारित है। परियोजना के वर्ष 2028 तक पूरी तरह से चालू होने की संभावना है। कुल निवेश का लगभग 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा प्रोत्साहन योजनाओं के तहत उपलब्ध कराया जाएगा। यह सहायता इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से दी जाएगी।

यह संयंत्र लगभग 48 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में 15 एकड़ क्षेत्र में ओएसएटी सुविधा स्थापित की जाएगी। प्रस्तावित क्षमता के अनुसार यह इकाई हर महीने लगभग 20 हजार वेफर्स की प्रोसेसिंग कर सकेगी। खास बात यह है कि यह देश की पहली डिस्प्ले ड्राइवर इंटीग्रेटेड सर्किट चिप ओएसएटी इकाई होगी, जो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में उपयोग होने वाले डिस्प्ले चिप्स के असेंबली और परीक्षण का कार्य करेगी।

ग्राउंडब्रेकिंग समारोह के दौरान केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सेमीकंडक्टर आज की आधुनिक अर्थव्यवस्था की आधारभूत तकनीक है। जिन देशों में सिलिकॉन चिप्स का निर्माण होता है, वहां विभिन्न प्रकार के विनिर्माण उद्योगों के लिए व्यापक अवसर पैदा होते हैं। उन्होंने बताया कि यह परियोजना भारत को तकनीकी आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और देश को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत स्थान दिलाएगी।

कार्यक्रम में एचसीएल समूह की चेयरपर्सन रोशनी नादर मल्होत्रा ने कहा कि यह परियोजना समूह के विकास की यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ने जा रही है। उन्होंने बताया कि एचसीएल की इंजीनियरिंग विरासत लंबे समय से भारत के तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्र को मजबूती देती रही है। अब सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश के साथ कंपनी देश के विनिर्माण इकोसिस्टम को और सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

फॉक्सकॉन के सेमीकंडक्टर बिजनेस ग्रुप के अध्यक्ष बॉब चेन ने अपने संबोधन में कहा कि ‘इंडिया चिप’ पहल का मुख्य उद्देश्य देश में विश्वसनीय असेंबली और टेस्टिंग सुविधाएं स्थापित करना है। इससे घरेलू ग्राहकों के साथ साथ वैश्विक बाजार की जरूरतों को भी पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि भारत में मजबूत सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण होते देखना उत्साहजनक है।

इस परियोजना को फॉक्सकॉन, एचसीएल समूह, भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के साझा प्रयासों का परिणाम बताया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में भी सहायक सिद्ध होगी।

First Published : February 22, 2026 | 8:52 AM IST