हितों की खातिर दुश्मन भी बन जाते हैं दोस्त
किसी मुल्क का कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता। उसके लिए स्थायी अगर कुछ होता है, तो वह उसके हित हैं।’ बेंजामिन दार्सिली ने 100 साल से पहले यह बात मुल्कों के लिए कही थी, लेकिन इसकी अहमियत आज की तारीख में देश के तेजी से बढ़ते टेलीकॉम सेक्टर को देखकर समझ में आती […]