facebookmetapixel
वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में बड़े डेवलपरों को दमदार बुकिंग से मिलेगा दमडी बीयर्स का बड़ा दांव: भारत में नैचुरल हीरों के लिए मार्केटिंग खर्च दोगुना, फॉरएवरमार्क पर फोकसBMW ने 2025 में बेच डाली 18,001 कारें, पहली बार लग्जरी खरीदारों और ईवी से मिली रफ्तारबजट से उम्मीदें: हेल्थकेयर, मेडिकल डिवाइस और फार्मा कंपनियों ने टैक्स राहत और R&D निवेश बढ़ाने की मांग कीIndiaAI Mission: 12 से 15 हजार जीपीयू खरीदने की तैयारी, सरकार जल्द आमंत्रित करेगी एक और दौर की बोलीभारत पर 500% शुल्क का जो​खिम! रूस से तेल खरीदने वालों पर ‘दंड’ लगाने वाले विधेयक को ट्रंप का समर्थनSIF सेगमेंट में बढ़ी हलचल: कई म्युचुअल फंड हाउस पहली पेशकश की तैयारी में, हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट पर सबसे ज्यादा जोरBNP Paribas का बुलिश अनुमान: दिसंबर तक 29,500 पर पहुंचेगा निफ्टी, 14% रिटर्न की संभावनाकमोडिटी इंडेक्स रीबैलेंसिंग और मजबूत डॉलर से सोना फिसला, चांदी में भी तेज गिरावट500% टैरिफ की आशंका से रुपया डगमगाया, RBI के हस्तक्षेप के बावजूद 90 प्रति डॉलर के पार फिसला
अन्य समाचार

बाढ़ और सूखे की स्थिति से बरबाद होती फसल से परेशान किसान

देश के कई हिस्सों में चालू खरीफ फसलों की बुआई अभी तक रफ्तार भी नहीं पकड़ सकी है जबकि महाराष्ट्र में अति बारिश और बाढ़ के कारण फसलों को भारी नुकसान हुआ है। जुलाई महीने की शुरुआत से हो रही बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने से आम लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है लेकिन […]

कमोडिटी

बारिश के जोर पकड़ने के बाद भी खरीफ की बुआई पिछड़ी

देश के तमाम इलाकों में बारिश के जोर पकड़ने के बावजूद 8 जुलाई को समाप्त सप्ताह तक के आंकड़ों के मुताबिक खरीफ की फसलों की बुआई पिछले साल की समान अवधि की तुलना में कम बनी हुई है। पिछले साल की समान अवधि की तुलना में धान के रकबे में करीब 24 प्रतिशत की कमी […]

ताजा खबरें

जून में गैर जीवन बीमा कंपनियों का प्रीमियम 21 प्रतिशत बढ़ा

गैर जीवन बीमा उद्योग के प्रीमियम में जून में 21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। निजी क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियों व एकल स्वास्थ्य बीमाकर्ताओं की इसमें प्रमुख भूमिका रही है। अप्रैल-जून तिमाही (वित्त वर्ष 23 की पहली तिमाही) में उद्योग का प्रीमियम 54,492 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल की समान […]

कमोडिटी

मॉनसून ने घटाई बिजली की मांग

देश भर में मॉनसून के प्रसार के साथ हवा के गर्म थपेड़े ठंडे पड़े हैं। ऐसे में इस माह की शुरुआत से सोमवार तक बिजली की मांग में 12.5 प्रतिशत की गिरावट आई है। पिछले सप्ताह देश में बिजली की अधिकतम मांग रिकॉर्ड 210 गीगावॉट पर पहुंच गई थी। बढ़ती गर्मी और अर्थव्यवस्था खुलने के […]

लेख

दुनिया को बचाने के लिए जरूरी सवाल

  मैं यह आलेख गहरे क्षोभ के साथ लिख रही हूं। जून में दुनिया भर के देश स्टॉकहोम में एकत्रित हुए। ये देश वैश्विक स्तर पर पर्यावरण को लेकर जगी चेतना के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एकत्रित हुए थे। यह बैठक परस्पर निर्भरता का उत्सव मनाने तथा पृथ्वी के हित में वैश्विक […]

कमोडिटी

खरीफ की शुरुआती बुआई में बेहतर संकेतखरीफ की शुरुआती बुआई में बेहतर संकेत

खरीफ की फसलों की शुरुआती बुआई ने बेहतर संकेत दिए हैं। दलहन का रकबा पिछले साल की समान अवधि की तुलना में बढ़ा है, जबकि तिलहन पिछले साल जितना ही बोया गया है। शुरुआती बुआई में धान के रकबे में तेज बढ़ोतरी नजर आ रही है। मोटे अनाज की कीमतों में तेजी को देखते हुए […]

कमोडिटी

कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर रही 4.1 प्रतिशत

वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में भारत की कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर मजबूत रही है। पहले के साल की समान अवधि के 2.8 प्रतिशत की तुलना में वित्त वर्ष 22 की चौथी तिमाही में इसमें 4.1 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर दर्ज की गई है। वहीं पूरे वित्त वर्ष 22 में कृषि क्षेत्र […]

कमोडिटी

गेहूं उत्पादन पिछले अनुमान से रहेगा 4.39 प्रतिशत कम

जून में समाप्त होने वाले फसल सत्र 2021-22 में भारत का गेहूं उत्पादन करीब 1,064.1 लाख टन रहने की संभावना है। यह पिछले साल के उत्पादन की तुलना में 38 लाख टन कम है और 1,113.2 लाख टन उत्पादन के पहले अनुमान की तुलना में 4.39 प्रतिशत कम है। गेहूं उत्पादन करने वाले राज्यों में […]

कमोडिटी

टमाटर पर भी चढऩे लगा महंगाई का रंग

टमाटर पर भी महंगाई का रंग चढऩे लगा है। टमाटर की फसल को गर्म मौसम की वजह से नुकसान हुआ है, जिससे इसके भाव बढऩे लगे हैं। दक्षिण भारत के राज्यों में टमाटर के खुदरा दाम 90 रुपये किलो तक पहुंच चुके हैं। उत्तर भारत के राज्यों में भाव 30 से 50 रुपये किलो चल […]

विशेष

जलवायु परिवर्तन से कई चुनौतियां

जलवायु परिवर्तन से भारत के समक्ष कई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र की अंतर-सरकारी समिति (आईपीसीसी) के कार्यशील समूह-2 ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि इस गंभीर खतरे की वजह से भारत में समुद्र का जल स्तर बढऩे से लेकर भूजल की कमी, मौसम में गंभीर बदलाव और […]