शहर के केंद्र में स्थित सेंट्रल टेलीग्राफ ऑफिस के निकट 1880 में निर्मित इमारत में साल 2010 तक पुलिस महानिदेशक का कार्यालय था। साल 2010 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने इसे खाली करके इसके मालिकों को सौंप दिया था।
इमारत को लेकर भाजपा के शासनकाल के दौरान विवाद पैदा हुआ था और ऐसी अफवाहें थीं कि इसे बेचा जा रहा है।
एक प्रवक्ता ने बताया कि इमारत को अब भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग को सौंपा जाएगा और वहां पर एक संग्रहालय बनाया जाएगा।