facebookmetapixel
Corporate Action Next Week: अगले हफ्ते बाजार में हलचल, स्प्लिट-बोनस के साथ कई कंपनियां बांटेंगी डिविडेंड1485% का बड़ा डिविडेंड! Q3 में जबरदस्त प्रदर्शन के बाद हाल में लिस्ट हुई कंपनी ने निवेशकों पर लुटाया प्यार300% का तगड़ा डिविडेंड! IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी का निवेशकों को गिफ्ट, रिकॉर्ड डेट भी फिक्सICICI Bank Q3 Results: मुनाफा 4% घटकर ₹11,318 करोड़ पर, NII में 7.7% की बढ़ोतरीX पर लेख लिखिए और जीतिए 1 मिलियन डॉलर! मस्क ने किया मेगा इनाम का ऐलान, जानें पूरी डिटेलChatGPT में अब आएंगे Ads, अमेरिका के यूजर्स के लिए ट्रायल शुरूलक्ष्मी मित्तल के पिता मोहन लाल मित्तल का निधन, उद्योग और समाज में गहरा शोकHDFC Bank Q3 Results: नेट प्रॉफिट 11.5% बढ़कर ₹18,654 करोड़ पर पहुंचा, NII ₹32,600 करोड़ के पारहर 40 शेयर पर मिलेंगे 5 अतिरिक्त शेयर! IT और कंसल्टिंग कंपनी का निवेशकों को तोहफा, रिकॉर्ड डेट फिक्सYES Bank की कमाई में जबरदस्त उछाल, Q3 में मुनाफा 55% बढ़ा

जोर पकड़ रही है मुखिया विकास निधि गठित करने की मांग

Last Updated- December 05, 2022 | 4:34 PM IST

बिहार में स्वास्थ्य और शिक्षा सहित समग्र ग्रामीण विकास के लिए पूरे तंत्र को लालफीताशाही से मुक्त कराने और वास्तविक मायने में विकास सुनिश्चित करने के लिए एक लाख से भी अधिक निर्वाचित महिला पंचायत प्रतिनिधियों ने सांसद और विधायक विकास निधि की तर्ज पर ‘मुखिया विकास निधि’ गठित करने की पुरजोर सिफारिश की है।


 निर्वाचित महिलाओं का मानना है कि ‘मुखिया विकास निधि’ के गठन से न केवल पंचायतों और गांवों में बुनियादी शिक्षा तथा स्वास्थ्य के विकास में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा, बल्कि इसके माध्यम से गांवों में ही जीवन व्यतीत करने वाले मुखिया या उपमुखिया की जवाबदेही सुनिश्चित हो सकेगी तथा गांवों का विकास दिखाई भी देने लगेगा।


मुजफ्फरपुर जिले की दादर कोल्हुआ पंचायत की मुखिया अमिता देवी ने बताया कि यह एक क्रांतिकारी और जमीनी हकीकत वाला कदम होगा। इससे स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सही मायने में लोगों को घर-घर तक लाभ पहुंचेगा।


रोहतास जिले की चिताली पंचायत की उपमुखिया तारामुनी देवी ने रोषपूर्ण शब्दों में कहा कि पूरी पंचायत के विकास को अधिकारी अपनी मुट्ठी में रखते हैं और जनप्रतिनिधियों को उनका मुंह ताकना पडता है।


अधिकारी का तबादला हो जाए तो वह पलट कर दोबारा पूरे जीवन में उस पंचायत की ओर देखता भी नहीं। ऐसे में निर्वाचित प्रतिनिधि केवल हाथ मसलकर रह जाते हैं।


तारामुनि देवी ने कहा कि सांसद विकास निधि के तहत दो करोड़ रुपया और विधायक विकास निधि के तहत एक करोड़ रुपये का प्रावधान है, जो सांसद या विधायक के आदेश पर अधिकारी द्वारा खर्च किया जाता है।


लेकिन पंचायत के मुखिया को एक पैसे का भी आदेश देने का अधिकार नहीं है।


सीवान जिले की मीरजुमला पंचायत की वार्ड सदस्य सविता देवी ने इस सिलसिले में कहा कि मुखिया पंचायत विकास निधि के तहत मुखिया को मुख्य रूप से बुनियादी जरूरतों के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल के कामों के लिए कम से कम पांच लाख रुपये और वार्ड सदस्य को दो लाख रुपये वार्षिक का अधिकार मिलना चाहिए।


बेशक यह धन अधिकारी के माध्यम से ही खर्च हो जैसा कि सांसद और विधायक निधि के तहत प्रावधान किया गया है।

First Published - March 14, 2008 | 8:43 PM IST

संबंधित पोस्ट