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र्कोई लौटा दे बीते हुए दिन

Last Updated- December 08, 2022 | 4:03 AM IST

मंदी के कहर से लखनऊ का रियल एस्टेट कारोबार भी अछूता नही रहा है। कंपनियो के लिए खरीददार ढूंढ़ना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है जबकि कीमतों में खासी कमी कर दी गयी है।


हजरतगंज जैसे व्यस्त और पाॉश इलाकों में भी रियल एस्टेट की मांग के साथ कीमतों में गिरावट दर्ज की गयी है। किराए की संपत्तियों की हालत तो यह है कि हजरतगंज में ही आधे दाम पर किराए की संपत्ति मिलने लगी है।

बीते साल जहां हजरतगंज में 40 से 45 रुपये प्रति वर्ग फुट किराए पर माल ऐवन्यू और जॉपलिगं रोड पर किराए की संपत्ति मिल रही थी वहां पर किराया घटकर 30 रुपये प्रति वर्ग फुट पर आ गया है। मंदी के चलते लालबाग और अलीगंज जैसे इलाकों में किराए की संपत्तियों की मांग बढ़ गयी है जो कि अपने आप में एक नया ट्रेंड है।

खरीदने वालों की गिनती घटने के बाद हजरतगंज में 1800 से 2200 रुपये प्रति वर्ग फुट के दाम पर अपॉर्टमेंट में फलैट मिल रहे हैं। रिहायशी मकानों की कमी होने के चलते जरुर इनकी कीमत ज्यादा नही घटी है। आज भी हजरतगंज में कोठी के दाम 2500 में 3000 रुपये के दाम पर मिल रहे हैं।

छोटे मकान तो 3500 रुपये प्रति वर्ग फुट के दाम पर मिल रहे हैं। प्रापर्टी डीलर अमिताभ भट्टाचार्य के मुताबिक टयूलिप, डीएलएफ, हलवासिया, पार्श्वनाथ जैसी बड़ी कंपनियों को अपने अपार्टमेंट बेंचने मे दिक्कत आ रही है। इन सभी कंपनियों ने अपने दामों में कमी की है।

ऐसा तब है जबकि इन सब बड़ी कंपनियों के अपार्टमेंट पॉश गोमतीनगर इलाके में हैं। राजधानी के बाहर की ओर बन रहे अंसल गोल्फ सिटी का आलम तो यह है कि लगभग हर महीने विज्ञापन निकालने के बाद भी खरीददार उचित मात्रा में नही आ रहे हैं।

डीलर अवनीश का कहना है कि सभी निजी बिल्डरों में अंसल की हालत सबसे अच्छी है जहां खरीददार अभी भी आ रहे हैं भले ही ज्यादा मात्रा में नही। दूसरी ओर प़ापर्टी के खरीददारों के लिए अभी भी गोमतीनगर सबसे फेवरिट बना हुआ है।

मंदी के बाद भी खरीदने वालों की गिनती जरुर कम हो गयी है पर हॉट फेवरिट गोमतीनगर ही है। गोमती नगर में सेंकेड सेल करने वाले भी टयूलिप के अपार्टमें 1800 से 2000 प्रति वर्ग फुट के दाम पर बेंच रहे हैं। अमिताभ का कहना है कि ऐसा मंदी के चलते हो रहा है वरना सेकेंड सेल मे यह अपार्टमेंट 2500 रुपये प्रति वर्ग फुट से कम पर मिलने वाले  नही हैं।

बड़ी कंपनियों को छोड़ दें तो शहर के निजी बिल्डर भी परेशानी का सामना कर रहे हैं। इन बिल्डरों ने अपेक्षकृत कम मांग वाले इलाकों जैसे हुसैनगंज, अलीगंज, विकासनगर, सीतापुर रोड और जानकीपुरम में अपार्टमेंट बनाए हैं और 1600 रुपये प्रति वर्ग फुट की कीमत पर शुरुआती दौर में बिकने वाले यह मकान अब 1200 से 1400 रुपये प्रति वर्ग फुट की कीमत पर मिल रहे हैं।

राजधानी में सस्ते मकान बनाने के लिए मशहूर एफआई बिल्डर ने मंदी के इस दौर में कई इलातों में अपार्टमें के दाम 1200 रुपए प्रति वर्ग फुट से गिरा कर 1000 और 800 रुपए तक कर दिए हैं। लालबाग में बनने वाले इस समूह के अपार्टमेंट अपनी पॉश लोकेशन के बावजूद मात्र 1000 रुपये प्रतिवर्ग फुट के दाम पर बिक रहे हैं।

खरीदारों के लिए गोमती नगर अभी है सबसे पसंदीदा

हजरतगंज जैसे पॉश इलाके में किराए की दर घटकर आधी हुई

डीएलएफ, हलवासिया और पार्श्वनाथ के माथे पर पड़े बल

First Published - November 18, 2008 | 9:39 PM IST

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