facebookmetapixel
Advertisement
कतर को दुनिया का सबसे अमीर देश बनाने वाले शेख हमद बिन खलीफा का निधन, तख्तापलट कर संभाली थी सत्ताविदेशी निवेशकों का भारतीय शेयर बाजार में लौटा भरोसा, जुलाई में अब तक खरीदे ₹15,157 करोड़ के स्टॉक्सबदल रहा है चीन और अमेरिका का कूटनीतिक दबदबा, क्या इंडो-पैसिफिक का खेल पलट देगा भारत?IMD Weather Alert: उत्तराखंड से लेकर बिहार तक भारी बारिश का अलर्ट, लेकिन दिल्ली वालों को नसीब नहींक्या 60 की उम्र के बाद भी जरूरी है लाइफ इंश्योरेंस? 90 साल की उम्र और 30 साल के खर्च का समझें गणितहोर्मुज को ईरान ने फिर किया बंद, तो अमेरिका ने कई ईरानी शहरों पर बरसाए बम; ट्रंप ने खत्म किया सीजफायरवॉट्सऐप यूजरनेम विवाद के बाद सरकार ने कसी कमर, सभी मैसेजिंग ऐप्स के लिए आ सकते हैं एक जैसे नियमनरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद दतिया में बड़ा हंगामा, सामने आया पहला बयान: पार्टी फोरम में बात रखेंअमेरिका के एकतरफा 12.5% टैरिफ प्रस्ताव पर भारत सख्त, कहा: बातचीत से सुलझाएं व्यापारिक मुद्देइंडियन टोनर्स का बड़ा फैसला: 1 शेयर के होंगे 5 टुकड़े, 17 जुलाई को तय हुई स्टॉक स्प्लिट की रिकॉर्ड डेट

बाढ़ प्रभावितों के लिए विशेष बीमा योजनाओं की तैयारी

Advertisement
Last Updated- December 07, 2022 | 8:03 PM IST

बिहार में विनाशकारी बाढ़ जैसे हालात में किसानों को राहत देने के लिए एक निजी बीमा कंपनी विशेष पेशकश करने जा रही है जो ऐसी संभावित प्राकृतिक आपदाओं के लिए विशेष तौर पर डिजाइन की गई है।


आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के प्रमुख (ग्रामीण कारोबार) प्रणव प्रसाद ने बताया, ‘ बिहार में बाढ़ जैसे हालात के लिए हम आपदा से संबध्द उत्पादों की पेशकश करेंगे। हम ऐसे उत्पाद विकसित करने की प्रक्रिया में हैं।’ उन्होंने कहा कि किसानों के लिए हम मौसम बीमा, पशु बीमा और स्वास्थ्य बीमा जैसे उत्पादों की पेशकश कर रहे हैं। इन पालिसी में संभावित वित्तीय नुकसान की कुछ राशि को कवर किया जाता है।

प्रसाद ने कहा कि आईसीआईसीआई लोम्बार्ड राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के गांवों में अपने बीमा उत्पादों की पेशकश कर रही है।

ग्रामीण बीमा बाजार और आईसीआईसीआई लोम्बार्ड की इसमें हिस्सेदारी के बारे में पूछने पर प्रसाद ने कहा कि कंपनी भारत के ग्रामीण इलाकों में बीमा उत्पादों की पेशकश करने में अग्रणी रही है। यह कंपनी की वित्तीय समावेशीकरण के व्यापक उद्देश्य के तहत किया जा रहा प्रयास है। कंपनी सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग तक पहुंच बना रही है। साथ ही सुदूरवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को भी कवर किया जा रहा है।

राहत अभियान जोरों पर

बिहार सरकार के अपर आयुक्त प्रत्यय अमृत ने बताया है कि सहायता शिविरों में अभी तक 2.57 लाख  विस्थापितों को ठहराया गया है। इसके अलावा करीब 9.14 लाख लोगों को सेना ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। इस बीच बाढ़ से करीब 3.10 लाख मकानों के क्षतिग्रस्त होने की खबर है। अमृत ने बताया कि वायुसेना के हैलीकॉप्टरों द्वारा अब तक एक लाख से अधिक खाने के पैकेट को विभिन्न जिलों में गिराया जा चुका है।

बांटी गई राहत सामग्री

12,866 ली.         केरोसिन तेल
85.05 लाख         नकद सहायता
14,537 क्विं.       खाद्यान्न
18.25 क्विं.         नमक
435.5 क्विं.         सत्तू
1,46,125            दियासलाई
2,09,018            मोमबत्ती

Advertisement
First Published - September 7, 2008 | 9:32 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement