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हर एक मुस्कराहट मुस्कान नहीं होती

Last Updated- December 08, 2022 | 5:41 AM IST

अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में एफएमसीजी कंपनियां अपने स्टॉल पर चेहरे पर मुस्कराहट ओढ़े मिलती हैं।


बड़ी बड़ी कंपनियों के अधिकारी शुरुआत में तो मंदी जैसे किसी हालात को सिरे से खारिज करते हैं। लेकिन थोड़ी देर की बातचीत में ही शुरू हो जाती है चौतरफा मंदी की दर्द भरी दास्तान।मेले में दिल्ली के लोगों के लिए होम डिलिवरी का ऑफर दिया जा रहा है।

लेकिन मांग में बीते साल के मुकाबले कमी ही देखने को मिल रही है। जो कंपनियां सालों से यहां आ रही हैं उनकी मानें तो इस बार कारोबार में 40-50 फीसदी तक की कमी आई है। उपभोक्ता टिकाऊ सामान बनाने वाली कंपनी व्हर्लपूल के स्टॉल पर राजीव ने बताया कि उनके पास अब तक 500 घरेलू इंक्वायरी आई हैं जो लगभग 30 लाख रुपये की होंगी।

कंपनी ने व्यापार मेले के लिए खासतौर पर अपने प्रोडक्ट के लिए 10 फीसदी का डिस्काउंट ऑफर भी दे रखा है। वहीं ल्यूमिनस के स्टॉल की मोनिका कहती हैं कि ‘अब तक 300 इंक्वायरी तो आई हैं लेकिन बिक्री में 30-40 फीसदी की कमी तो साफ दिख ही रही है।’

गोदरेज इंडस्ट्रीज के राजन का कहना है, ‘इस बार कारोबार में 40 फीसदी की कमी है। इंक्वायरी तो आती है लेकिन बिक्री नहीं होती। इस बार तो केवल 60 फीसदी की ही बिक्री हुई है जबकि हमने प्रोडक्ट के हिसाब से 500-1000 रु पये तक की छूट भी दी है।’

कुछ कंपनियों का कहना है कि घरेलू वितरकों के मुकाबले विदेश से ही ज्यादा इंक्वायरी आ रही है। आरओ वाटर प्यूरिफायर बनाने वाली कंपनी सीएक्सएल टाइटोन के सीईओ ए के बनर्जी का कहना है, ‘ इराक, कजाकिस्तान, श्रीलंका, म्यांमार और अमेरिका से इंक्वायरी आ रही है। देश के 12 वितरकों से हमारी बातचीत हुई है।’

बनर्जी का मानना है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार उनका कारोबार थोड़ा अच्छा है। ब्रिटेन की कंपनी मार्फी रिचर्ड के स्टॉल के हर्ष गंभीर कहते हैं कि ‘इस बार कारोबार पिछले साल के बराबर ही है। पिछले साल 200 बुकिंग हुई थी, इस बार भी 187 बुकिंग हो चुकीहै।

लेकिन नए प्रोडक्ट को जैसा रिस्पांस मिलना चाहिए वैसा नहीं मिला। इसकी वजह यह भी है कि पिछले साल व्यापार मेले के दौरान 3 सप्ताहांत थे जबकि इस बार केवल 2 सप्ताहांत थे। उस लिहाज से कारोबार पर असर भी पड़ता है।’

घरेलू उपकरणों के साथ प्लानेट होम एप्लायंस ने भी अपना स्टॉल यहां लगाया है। इससे जुड़े सतबीर सिंह चंडोक का कहना है, ‘ग्राहक केवल सामान को देखने के लिए आते है, खरीदारों की कमी तो है। पिछले साल हमने 30 लाख रुपये का कारोबार किया था। इस साल अब तक 12-13 लाख रुपये का कारोबार ही हो पाया है।

कैनन ग्राहकों को आईसीआईसीआई वारंटी कार्ड के साथ अपने प्रोडक्ट को 12 महीने के किश्त पर भी दे रही है। इस स्टॉल के पंकज का कहना है, ‘हम पहली बार व्यापार मेले में आए हैं तो इस लिहाज से रिस्पांस अच्छा है। ‘

तोशिबा इस बार अपने बेहद महंगे प्रोफेशनल सीरिज के लैपटॉप और एलसीडी और फ्रिज के साथ इस मेले में आई है। तोशिबा से जुड़े अभिषेक राणा का क हना है कि बुकिंग उम्मीद से कम है।

First Published - November 26, 2008 | 9:08 PM IST

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