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नौ नए आवेदकों को मंजूरी, जल्द मिलेगा आशय पत्र

Last Updated- December 05, 2022 | 4:23 PM IST


संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक अहम फैसला लेते हुए 9 नई टेलीकॉम कंपनियों के आवेदन को मंजूरी दे दी है। इन कंपनियों को जल्द ही आशय-पत्र (एलओआई) दे दिया जाएगा। यह यूनीवर्सल एक्सेस सर्विस लाइसेंस (यूएएस) होगा, जिसमें फिक्स और मोबाइल फोन शुरू करने की अनुमति होगी। इसी के मुताबिक स्पेक्ट्रम का आबंटन होगा।
आशय-पत्र इसी सप्ताह जारी कर दिया जाएगा, इसके बाद यूएएस भी मिल जाएगा। हालांकि स्पेक्ट्रम के आवंटन में कुछ वक्त लगेगा। विकास से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इसका आबंटन उपलब्धता पर निर्भर होगा। स्पेक्ट्रम के विभिन्न स्रोतों की तलाश में संचार विभाग जुटा हुआ है।
नए आवेदकों का आवेदन पत्र दूरसंचार विभाग में लंबित था। संचार मंत्री ए राजा ने इसे मंजूरी दे दी है और संचार विभाग से लाइसेंस देने के लिए प्राथमिकता सूची बनाने को कहा है।
इससे 9 नए आवेदक कंपनियों को सेवा प्रदान करने के लिए रास्ता मिल गया है। इनमें से ज्यादातर कंपनियों ने देश भर में सेवाएं शुरू करने के लिए आवेदन किया है। बहरहाल इन कंपनियों को स्पेक्ट्रम के आबंटन के बारे संचार विभाग के वायरलेस प्लानिंग और कोआर्डिनेशन सेल को फैसला करना है। यह सेल खाली पडे स्पेक्ट्रम को खंगालने में जुटा है। साथ ही विभाग को सेना द्वारा खाली किए जाने वाले स्पेक्ट्रम का भी इंतजार है।
पिछले सप्ताह संचार विभाग ने प्राथमिकता सूची तैयार की थी, जिसमें वेणुगोपाल धूत की कंपनी डेटाकॉम को पहला स्थान मिला था। डेटाकॉम सॉल्यूशंस के अलावा अश्का प्रोजेक्ट्स, स्पाइस कम्युनिकेशंस, स्वान टेलीकाम, लूप टेलीकाम (बीपीएल मोबाइल की कंपनी), यूनीटेक बिल्डर्स ऐंड एस्टेट्स, नाहन प्रापर्टीज, एस टेल और श्याम टेलीलिंक स्पेक्ट्रम लेने के दंगल में शामिल हैं।
उद्योग से जुड़े एक विश्लेषक का कहना है कि यूएएसएल लाइसेंस मिलने का मतलब है कि जिन कंपनियों को स्पेक्ट्रम मिल जाएगा उन्हें छह महीने के भीतर सेवाएं शुरू करनी होंगी। स्पेक्ट्रम का आबंटन पहले परीक्षण के आधार पर किया जाएगा। यह प्रयोग करने वाले आपरेटर को  अन्य आपरेटरों से उन क्षेत्रों में इलेक्ट्रो मैगनेटिक इंटरफरेंस (ईएमआई) और इलेक्ट्रो मैगनेटिक कंपेटिबिलिटी (ईसीआई) के लिए सक्षम बनाएगा।
यूएएसएल लाइसेंस जारी करने के बावजूद कंपनियां छह महीने के भीतर अपनी सेवाएं शुरू कर पाएंगी, इसमें संदेह है। स्पेक्ट्रम आवंटन को लेकर आइडिया सेलुलर जैसी कुछ कंपनियां अपील न्यायाधिकरण टीडीसेट का रुख कर चुकी हैं।


 

First Published - February 27, 2008 | 11:06 PM IST

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