facebookmetapixel
Advertisement
विकास के अगले चरण के लिए भूमि व कारोबारी माहौल में सुधार जरूरी: प्रधानमंत्री मोदी तमिलनाडु में सरकार के 100 दिन, एमजीआर की याद दिला रहे विजयपश्चिम बंगाल में कारोबार को बढ़ावा, नई सरकार के पहले 100 दिन में निवेश पर जोर1991 के आ​र्थिक सुधारों से उद्योग को मिला प्रतिस्पर्धा का भरोसा, औद्योगिक और व्यापार नीति में तालमेल बिठाना जरूरीऑफर फॉर सेल के जरिये जुटाई गई रकम में उफान, LIC का अहम योगदानQ1 Results: लिस्टेड कंपनियों के मुनाफे में 16% की तेज बढ़त, BFSI और मेटल सेक्टर का बड़ा योगदानRBI के फैसले से बैंकों में हलचल, FCNR(B) जमा जुटाने की रफ्तार बढ़ीबाजार हलचल: प्री-आईपीओ शेयर, नया SLB कॉन्ट्रैक्ट और UPI नियम पर नजरजुलाई में बायोकॉन बनी MF की पसंदीदा स्मॉल-कैप खरीद, ₹3,300 करोड़ का निवेशराजस्व और मार्जिन के मोर्चे पर अपोलो से आगे मैक्स, मरीजों की बढ़ती संख्या से ग्रोथ को सहारा

उत्तर प्रदेश में धान की सरकारी खरीद गुरुवार से

Advertisement
Last Updated- December 14, 2022 | 11:26 PM IST

संसद में हाल ही में पारित कृषि विधेयकों लेकर मचे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश में गुरुवार से धान की सरकारी खरीद शुरू हो जाएगी। किसानों की शंकाओं को दूर करते हुए प्रदेश सरकार ने इस बार 55 लाख टन धान की सरकारी खरीद का लक्ष्य रखा है। बीते खरीफ सीजन में 50 लाख टन का लक्ष्य रखा गया था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि लक्ष्य के बाद भी धान की सरकारी खरीद तब तक जारी रहेगी, जब तक किसान अपनी उपज लाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि सभी किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) दिलवाया जाएगा। इस साल खरीद के लिए धान का समर्थन मूल्य 1,868 रुपये प्रति क्विं टल तथा ग्रेड-ए धान का समर्थन मूल्य 1,888 रुपये प्रति क्विंकटल तय किया गया है। धान खरीद के लिए खाद्य विभाग की विपणन शाखा, आवश्यक वस्तु निगम, प्रादेशिक को-ऑपरेटिव फेडरेशन (पीसीएफ), मंडी परिषद, नेफेड, भारतीय खाद्य निगम, उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ और उत्तर प्रदेश राज्य कृषि एवं औद्योगिक निगम (यूपी एग्रो) की ओर से कुल 4,000 क्रय केंद्र खोले जाएंगे। खरीद एजेंसी अपनी संस्था के क्रय केंद्रों अलावा पंजीकृत सोसाइटी व मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव सोसाइटी, एफपीओ को सम्बद्ध कर उनके माध्यम से भी धान खरीद कर सकेंगी।
मंगलवार देर शाम हुई बैठक में मंत्रिपरिषद ने वर्तमान खरीफ सीजन में मूल्य समर्थन योजना के तहत धान खरीद करने वाली संस्थाओं को अग्रिम या कर्ज उपलब्ध कराने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। प्रस्ताव के तहत खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम (एसएफसी) द्वारा धान खरीद के लिए न्यूनतम ब्याज दर पर राष्ट्रीयकृत बैंकों से 3,000 करोड़ रुपये की अधिकतम सीमा तक लघु अवधि का ऋण या कैश क्रेडिट लिया जाएगा। इसके अलावा अन्य खरीद करने वाली संस्थाएं अपने स्रोतों से वित्तीय व्यवस्था करेंगी और उन्हें ब्याज ती रकम की प्रतिपूर्ति प्रदेश सरकार करेगी।

Advertisement
First Published - September 30, 2020 | 11:32 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement