facebookmetapixel
Advertisement
सरकार ने हटाई डीजल-पेट्रोल खरीद पर लगी रोक, कम​र्शियल खरीदारों को राहत8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर 2, 2.5 और 3 होने पर कितनी बढ़ेगी लेवल 1 से 7 तक के कर्मचारियों की सैलरी और HRA?दिल्ली में बिजली की डिमांड के टूटे सारे रिकॉर्ड, क्या 9,000 मेगावॉट तक जाएगी डिमांडमहिला उद्यमियों का डिजिटल पेमेंट पर भरोसा बढ़ा, लेकिन फ्रॉड और डेटा सुरक्षा अब भी बड़ी चुनौती: स्टडीमानसून की धीमी चाल, दलहन फसलों का रकबा 30% घटाTata Value Fund Review: ₹10,000 की मंथली SIP, 22 साल का धैर्य और ₹1.78 करोड़ का फंड! देखें कहां लगा है पैसा?अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर: मई में देश का औद्योगिक उत्पादन 5.1% बढ़ा, मैन्युफैक्चरिंग में जबरदस्त तेजीDelhi EV Policy 2.0 1 जुलाई से होगी लागू, EV खरीदने पर ₹50,000 तक मिलेगी सब्सिडी; जानें पूरा प्लानPhysical Gold Vs Digital Gold: कहां निवेश करना ज्यादा फायदेमंद? समझ लें नफा-नुकसानPFC-REC मर्जर को मंजूरी! शेयरधारकों के लिए क्या है इसके मायने; स्टॉक 2.3% तक टूटे

हिमाचल प्रदेश में बनेगा कार्बन कोष

Advertisement
Last Updated- December 08, 2022 | 2:43 AM IST

हिमाचल प्रदेश को ‘कार्बन न्यूट्रल’ राज्य बनाने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश पर्यावरण कोष बनाने के लिए अधिसूचना जारी कर दी है।


सरकार की इस पहल से कार्बन क्रेडिट की बिक्री से राज्य के राजस्व में काफी मदद मिल सकती है। कोष अधिसूचना की घोषणा करते हुए हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने बताया कि यह कोष विशुध्द रूप से स्वैच्छिक होगा और वाहन मालिक, उद्योग और गैर सरकारी संगठन इस बड़े उद्देश्य के  लिए योगदान करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र होंगे।

एक अनुमान के मुताबिक सूबे में करीब 3.5 लाख पंजीकृत वाहन है। इसके अलावा सूबे भर में 35159 औद्योगिक इकाइयां भी हैं जिसमें से 34771 छोटे और 388 मझोली और बड़ी पैमाने की औद्योगिक इकाइयां हैं।

पर्यावरण कोष की स्थापना करने के पीछे मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को सुरक्षा, संरक्षण प्रदान करना और कार्बन फुटप्रिंट्स को कम करना भी शामिल है। इस कोष का इस्तेमाल गांवों में सक्रिय कार्बन फुटप्रिंट्स से सुरक्षा दिलाने के लिए भी होगा।

Advertisement
First Published - November 7, 2008 | 8:35 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement