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मराठियों के लिए 80 फीसदी आरक्षण की कवायद

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Last Updated- December 08, 2022 | 3:42 AM IST

महाराष्ट्र के उद्योगों में 80 फीसदी मराठियों की नौकरियां सुनिश्चित करने की कवायद के तहत राज्य सरकार ने जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में एक समिति बनाने की घोषणा की है। इस बाबत महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को एक अधिसूचना भी जारी की।


महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) ने राज्य सरकार के इस फैसले को एक बड़ी जीत बताया है। राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि जिन उद्योगों को राज्य सरकार ने औद्योगिक बुनियादी ढांचा एजेंसी एमआईडीसी के तहत औद्योगिक पार्कों में उद्योग विकसित करने के लिए भूमि आवंटित की है उनके लिए इस अधिसूचना के प्रावधानों को पालन करना अनिवार्य होगा।

इसके अलावा, वे उद्योग जो राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली विभिन्न कर और शुल्क छूट का लाभ उठाते हैं उन्हें कम से कम निचले स्तर की नौकरियों में 80 फीसदी और 50 फीसदी पर्यवेक्षी नौकरियों में स्थानीय लोगों को नौकरियां देना अनिवार्य होगा।

उद्योगों से नियुक्ति के लिए जिम्मेदार पद पर ऐसे व्यक्ति को नियुक्त करने के लिए कहा गया है जो अच्छी तरह से मराठी जानता हो। अभी तक उद्योग इस तरह के किसी भी फैसले का विरोध करता आया है। उनका कहना है कि इससे प्रतिस्पर्धा में कमी आएगी।

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First Published - November 17, 2008 | 10:12 PM IST

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