Editorial: भारत को कम-कौशल प्रवासन से कुशल वैश्विक श्रमबल की ओर बढ़ना होगा
भारत दुनिया की सबसे बड़ी प्रवासी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है और यहां के करीब 1.85 करोड़ लोग विदेश में रहते हैं। इतना ही नहीं भारत विदेश से वापस धनप्रेषण यानी रेमिटेंस हासिल करने वाला सबसे बड़ा देश भी है। यह इस आवश्यकता को रेखांकित करता है कि वैश्विक श्रम की मांग को पूरा करने […]
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शहरी विकास के आगे न निकले शासन, शहरों को फिर से परिभाषित करना जरूरी
जब 15 अगस्त को तिरंगा देश के शहरों में लहराया गया तब कई ऐसे शहर भी थे जो आजादी के बाद पहली बार झंडा फहराए जाने के वक्त मौजूदा स्वरूप में ही नहीं थे। गुरुग्राम तब खेतों का इलाका था, बेंगलूरु पेंशन पाने वालों का शांत शहर माना जाता था जबकि सूरत एक छोटे स्तर […]
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भारत में विदेशी निवेशकों की राह में रोड़े डाल रहे छह मुद्दों पर तत्काल ध्यान जरूरी
भारत को निरंतर आर्थिक वृद्धि बनाए रखने के लिए दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं से जुड़ना होगा। इसका फायदा यह है कि विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ नजदीकी से कंपनियों की उत्पादकता बढ़ती है। भारत एक ऐसी अर्थव्यवस्था है जहां पूंजी की भारी कमी है। घरेलू निवेश के लिए बड़ी मात्रा में सस्ती विदेशी पूंजी की आवश्यकता होती […]
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टीवी रेटिंग का संकट गहराया, सरकार की नई नीति के चलते विज्ञापन बाजार पर बढ़ी चिंता
एक महीने से अधिक समय से दुनिया के दूसरे सबसे बड़े टीवी बाजार में टीवी रेटिंग का काम पूरी तरह ठप है। 1 जुलाई को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल ( बीएआरसी या बार्क) को निर्देश दिया कि वह ‘टेलीविजन दर्शकों की माप और टीवी रेटिंग को रोक दे।’ यह आदेश […]
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