Editorial: अभी राहत, लेकिन आगे महंगाई बढ़ी तो ब्याज दरों में बदलाव तय
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिन की बैठक के बाद बुधवार को वित्तीय बाजारों की अपेक्षाओं के अनुरूप ही नीतिगत रीपो दर को अपरिवर्तित रखा गया। इसके पीछे ठोस कारण भी थे। जून में मुद्रास्फीति दर 4.4 फीसदी रही जो आरबीआई के 4 फीसदी के लक्ष्य से अधिक है […]
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भारत में ई-कॉमर्स की वृद्धि का आधार भरोसा और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा
पिछले एक दशक में भारत के ई-कॉमर्स बाजार ने पूरे देश में तेजी से अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। यह कारोबार अब केवल महानगरों तक ही सीमित नहीं है बल्कि टियर-1 (बड़े) और टियर-2 (मझोले या तेजी से विकास होते) शहरों के ग्राहकों को भी सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। वर्ष 2014 में इस क्षेत्र का […]
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अच्छे कॉरपोरेट गवर्नेंस की कुंजी: जवाबदेही, पारदर्शिता और बोर्ड-प्रबंधन के बीच सही संतुलन
मुझे कारोबारी संचालन को तीन नजरियों से देखने का अवसर मिला है। पहला, एक कार्यकारी के रूप में, दूसरा, एक स्वतंत्र निदेशक के रूप में, और तीसरा नियामक के रूप में। कार्यकारी व्यावसायिक नतीजे हासिल करने पर ध्यान देते हैं और कभी-कभी बोर्ड के बीच में आने पर खीझते हैं। निदेशक इस बात को लेकर […]
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भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता: निवेश सुरक्षा के बिना अधूरा रहेगा एफटीए
इस समय भारत के समक्ष सबसे बड़ी आर्थिक चुनौती रोजगार के अच्छे अवसर तैयार करना है। हर वर्ष 1.0 से 1.2 करोड़ युवा श्रम बल में शामिल होते हैं। विनिर्माण क्षेत्र को रोजगार उपलब्ध कराने में बड़ी भूमिका निभानी चाहिए थी लेकिन इसका सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में योगदान पिछले दो दशकों से 15-17 फीसदी […]
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