भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता: निवेश सुरक्षा के बिना अधूरा रहेगा एफटीए
इस समय भारत के समक्ष सबसे बड़ी आर्थिक चुनौती रोजगार के अच्छे अवसर तैयार करना है। हर वर्ष 1.0 से 1.2 करोड़ युवा श्रम बल में शामिल होते हैं। विनिर्माण क्षेत्र को रोजगार उपलब्ध कराने में बड़ी भूमिका निभानी चाहिए थी लेकिन इसका सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में योगदान पिछले दो दशकों से 15-17 फीसदी […]
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Editorial: DGFT के MIP फैसले से महंगा होगा PVC, MSME और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ेगा दबाव
विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने हाल ही में सस्पेंशन-ग्रेड पॉलीविनाइल क्लोराइड (एस-पीवीसी) रेजिन पर छह महीने के लिए न्यूनतम आयात मूल्य (एमआईपी) 0.766 डॉलर प्रति किलोग्राम तय किया है। इस कदम का उद्देश्य कथित डंपिंग को रोकना और घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करना है। भारत की आयात निर्भरता को कम करना एक ऐसा लक्ष्य है […]
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जेनज़ी नहीं, नाराज अभिजात वर्ग बन रहा नए राजनीतिक असंतोष का सबसे बड़ा चेहरा
जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा आयोजित मीम्स से भरे युवाओं के विरोध प्रदर्शन में एक नारे ने मेरा ध्यान खास तौर से आकर्षित किया-‘हालात इतने खराब हैं कि अब साधन-संपन्न लोग भी यहां आ गए हैं।’ दरअसल यही वह संकेत है जिसे हम बड़े पैमाने पर समझने से चूक गए हैं। राष्ट्रीय […]
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विकसित भारत 2047 के लिए राज्यों की परिसंपत्तियां बनेंगी विकास और निवेश की सबसे बड़ी ताकत
भारत को 2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए हमारे बड़े शहरों को असाधारण रूप से तेज वृद्धि हासिल करनी होगी। परंतु जिन सरकारों को इस वृद्धि को आगे बढ़ाना है उनके पास सीमित वित्तीय गुंजाइश है। कई राज्यों में अधिकांश राजस्व प्राप्तियां वेतन, पेंशन, सब्सिडी और ब्याज आदि में खर्च हो जाती हैं और […]
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