Editorial: कच्चा तेल सस्ता, फिर भी पेट्रोल-डीजल के दाम तुरंत क्यों नहीं घटेंगे?
अमेरिका और ईरान के समझौते के बाद वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में कमी आई और वे 28 फरवरी को संघर्ष की शुरुआत के पहले के स्तर पर आ गईं। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमतें अप्रैल के 120 डॉलर प्रति बैरल के उच्चतम स्तर से गिरकर 72 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं। […]
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भारत में क्विक कॉमर्स का बढ़ता असर, किराना स्टोर कैसे करेंगे मुकाबला?
किराना दुकानें एक ऐसी प्रजाति हैं जो सन 1991 के बाद उभरे नए खुदरा कारोबारी स्वरूपों से मिल रही तमाम चुनौतियों के बीच भी फलती-फूलती रही हैं। लेकिन अब क्विक कॉमर्स के उभार के साथ उनको असली चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। फ्लिपकार्ट मिनट्स जो इस क्षेत्र में सबसे नया प्रवेशकर्ता है उसका […]
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कांग्रेस से कैसे छूटा राष्ट्रवाद का मुद्दा? 2014 के बाद की रणनीति पर पुनर्विचार
राष्ट्रीय राजनीति में चल रहे मंथन के दो पहलू हैं और चिंता मत कीजिए मैं मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार के बारे में बात नहीं कर रहा हूं। यह काम राजधानी के कमोबेश बेरोजगार अंदरूनी जानकारी वाले ज्ञानी लोगों के लिए छोड़ता हूं। मेरी रुचि दो ऐसी बातों में है जो विरोधाभासी नजर आती हैं लेकिन […]
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Editorial: दिल्ली की नई EV नीति सही दिशा में, लेकिन अभी भी कई बड़े सुधार की जरूरत
दिल्ली की नई इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी2) नीति 1 जुलाई से लागू हो गई है। यह अच्छे इरादों वाली एक कवायद है, लेकिन इसकी अव्यावहारिक नीतिगत रूपरेखा इसे त्रुटिपूर्ण बनाती है। यह नीति हर साल जन स्वास्थ्य संकट पैदा करने वाले शीतकालीन प्रदूषण से निपटने के उद्देश्य से बनाई गई है, एक ऐसा मकसद जो प्रदूषण […]
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