Editorial: विदेशी मुद्रा जुटाने की आरबीआई रणनीति पर नए सवाल
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों की एक सूची के जरिये स्पष्ट किया कि बैंक विदेशी मुद्रा अनिवासी (बैंक) जमा या एफसीएनआर (बी) जुटाने के लिए क्या कर सकते हैं। यह वाणिज्यिक बैंकों को अत्यंत आवश्यक स्पष्टता प्रदान करेगा लेकिन साथ ही यह कई प्रश्न भी उठाता है। बैंकों […]
आगे पढ़े
निजी इंफ्रा निवेश की वापसी को संस्थागत रूप से तैयार हो भारत
पीपीपी यानी सार्वजनिक-निजी भागीदारी अब देश के बुनियादी ढांचा विकास में निजी निवेश का संकेत देने वाला एक स्वीकृत संक्षिप्त रूप बन चुका है। भारत के ब्रिटिशकालीन बुनियादी ढांचे के निर्माण में कई परियोजनाएं निजी उपक्रमों के रूप में सामने आई थीं। गारंटीशुदा रिटर्न वाले स्टर्लिंग बॉन्ड्स ने रेलमार्ग, ट्रामवे और बिजली वितरण को वित्तपोषित […]
आगे पढ़े
मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर संस्थानों के नियमों पर भी हो संसदीय निगरानी
कल्पना कीजिए कि एक सामान्य रूप से प्रयोग में लाई जाने वाली एल्गोरिद्म आधारित कारोबारी रणनीति को अचानक चालबाजी घोषित कर दिया जाए। इसके अत्यंत गंभीर परिणाम हो सकते हैं। मसलन दंड, निलंबन और यहां तक कि आपराधिक कार्रवाई भी। यदि संसद या भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) इस प्रकार का वर्गीकरण करता तो […]
आगे पढ़े
Editorial: तेल की कीमतें घटीं, अब विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने पर जोर
अनिश्चितता के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की शुरुआत विश्व अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी राहत है। हालांकि होर्मुज स्ट्रेट का भविष्य अभी भी अस्पष्ट है लेकिन अब तक की प्रगति के परिणामस्वरूप कच्चे तेल की कीमतों में कमी आई है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें मई की शुरुआत के उच्च स्तर से 30 […]
आगे पढ़े