वित्त मंत्री हर वर्ष केंद्रीय बजट की प्रस्तुति के बाद शुरुआती प्रतिक्रियाओं के प्रबंधन में सिद्धहस्त हो चुके हैं। इससे शेयर बाजारों और टीवी स्टूडियो में भी हल्काफुल्का उत्साह पैदा होता है और जब तक वह ठंडा होता है, लोग बजट के बारीक अध्ययन से निकले संदेशों की अनदेखी करके आगे बढ़ चुके होते हैं। […]
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को वर्ष 2022-23 की आर्थिक समीक्षा संसद में पेश की। समीक्षा का सबसे अहम निष्कर्ष यह है कि महामारी के कारण मची उथलपुथल से निजात मिल चुकी है और भारतीय अर्थव्यवस्था मध्यम अवधि में उच्च वृद्धि हासिल करने को तैयार है। मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने भी […]
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राहुल गांधी ने 134 दिनों में 12 राज्यों की यात्रा और करीब 4,000 किलोमीटर का सफर करते हुए हजारों भारतीयों से अलग-अलग तरह से संवाद (चलते हुए, बैठकर, संवाददाता सम्मेलन के जरिये) करने के बाद सोमवार को श्रीनगर में भारत जोड़ो यात्रा समाप्त कर दी। समापन के अवसर पर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से […]
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गत सप्ताह पहली बार भारत सरकार की ओर से 8,000 करोड़ रुपये मूल्य के सॉवरिन ग्रीन बॉन्ड जारी किए। इस विषय में आरंभिक घोषणा केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2022 के बजट भाषण में की थी। बाद में सरकार ने कहा था कि वह कुल बाजार उधारी कार्यक्रम के […]
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गौतम अदाणी के सामने मुश्किल हालात हैं। अदाणी समूह की कंपनियों की गड़बड़ी के बारे में जारी की गई हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर समूह ने जो खंडन जारी किया है आप उसे संतोषजनक पाएं या नहीं (यह रिपोर्ट में केवल कुछ बिंदुओं को शामिल करता है) लेकिन उसके शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली है। […]
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वर्ष 2021-22 का चीनी का मौसम (अक्टूबर से सितंबर) और उसके बाद अब तक की अवधि भारतीय चीनी क्षेत्र के लिए घटना प्रधान साबित हुए हैं। यह प्रमुख कृषि आधारित उद्योग जहां अपना अस्तित्व बचाने के लिए सरकारी सहायता और राहत पैकेज की मांग करता रहता था, वहीं अब यह एक जीवंत, आत्मनिर्भर क्षेत्र बन […]
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अमेरिका और नाटो के खुफिया सूत्रों का कहना है कि रूस यूक्रेन पर नए सिरे से हमले कर सकता है। इस बीच बहस का बड़ा हिस्सा इस बात पर केंद्रित रहा है कि जर्मन चांसलर ओलाफ शुल्ज ने यूक्रेन को लेपर्ड 2 मुख्य युद्धक टैंक देने में हिचकिचाहट दिखाई है। इस बहस में यह बात […]
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वर्ष 2016 में जब ऋण शोधन अक्षमता एवं दिवालिया संहिता (IBC) की शुरुआत हुई थी तो यह अपेक्षा की गई थी कि इस नई व्यवस्था से भारतीय अर्थव्यवस्था में एक महत्त्वपूर्ण अंतर पाटना आसान हो जाएगा। आईबीसी को हाल के वर्षों में हुए महत्त्वपूर्ण सुधारों में एक समझा गया। इसका मकसद कंपनी जगत में दिवालिया […]
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चीन से दूरी का सिलसिला लगभग एक दशक से चले आ रहे चरणबद्ध धीमेपन के बाद चीन की वृद्धि में गिरावट की खबरें पिछले कुछ समय से सुर्खियों में रही हैं। इसकी एक वजह यह भी है कि कई फैक्टरियां और आपूर्ति श्रृंखलाएं अब चीन पर निर्भरता समाप्त कर उससे दूरी बना रही हैं। परंतु […]
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उत्तराखंड के जोशीमठ में घटित त्रासदी हमें बताती है कि हिमालय क्षेत्र की पारिस्थितिकी के साथ छेड़छाड़ कितनी मुश्किल पैदा करने वाली है। बता रहे हैं श्याम सरन मैं कई वर्षों से हिमालय में ट्रेकिंग (पहाड़ों पर चढ़ाई) के लिए जाता रहा हूं। मैंने बतौर ट्रेकर अक्सर अपना अनुभव इस समाचार पत्र के पन्नों पर […]
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