गांव की मिट्टी छोड़कर शहर में बसने वालों के लिए एक राहत भरी खबर है। ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए शुरू की गई डाक विभाग की जीवन बीमा योजना (RPLI) में एक अहम बदलाव किया गया है। अब अगर कोई पॉलिसीधारक गांव से शहर में रहने चला जाता है, तो उसके लिए अपनी बीमा पॉलिसी को जारी रखना आसान हो सकता है। सरकार ने RPLI के नियमों में बदलाव किया है, जिसके तहत अब किसी भी मान्यता प्राप्त बैंक में चालू बचत खाता होना भी इस बीमा योजना के लिए एलिजिबिलिटी यानि पात्रता का एक अतिरिक्त आधार होगा।।
सरकार के इस फैसले को बाद लोगों को इस योजना के लिए एलिजिबिलिटी साबित करने के लिए सिर्फ पोस्ट ऑफिस में खाता होना जरूरी नहीं होगा। डिजिटल बैंकिंग से जुड़े डॉक्यूमेंट्स के जरिए भी एलिजिबिलिटी साबित की जा सकेगी, जिससे बीमा से जुड़ी प्रक्रिया लोगों के लिए आसान होने की उम्मीद है।
संचार राज्य मंत्री पेम्मासानी चंद्रशेखर ने इस बदलाव की जानकारी दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि तत्काल प्रभाव से पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक (POSB) या किसी भी बैंक में चालू बचत खाता अब RPLI के लिए एक अतिरिक्त आधार माना जाएगा।
नए नियम का सबसे ज्यादा फायदा उन RPLI पॉलिसीधारकों को मिल सकता है, जो नौकरी, कारोबार या किसी दूसरे कारण से गांव से शहर में जाकर बस जाते हैं। अब वे किसी भी मान्यता प्राप्त बैंक के अपने चालू बचत खाते से बीमा की किस्त यानी प्रीमियम भर सकेंगे और अपनी पॉलिसी को जारी रख सकेंगे।
पहले गांव से शहर जाने वाले पॉलिसीधारकों को अपनी बीमा पॉलिसी जारी रखने में दिक्कत आ सकती थी। नए नियम से ऐसी स्थिति में उनका बीमा बिना रुकावट चलता रह सकेगा। सरकार का कहना है कि इस बदलाव से RPLI से जुड़ी प्रक्रिया आसान होगी। साथ ही, कम लागत वाली सरकारी जीवन बीमा सुविधा को ज्यादा परिवारों तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।
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हालांकि, नए नियम को लेकर एक बात साफ समझना जरूरी है। सिर्फ किसी मान्यता प्राप्त बैंक में सेविंग्स अकाउंट होने से कोई व्यक्ति अपने आप RPLI के लिए एलिजिबल नहीं हो जाएगा।
सरकार ने चालू बचत खाते को RPLI के लिए एलिजिबिलिटी साबित करने के एक अतिरिक्त आधार के तौर पर जोड़ा है। यानी आवेदक अपने चालू बैंक खाते की जानकारी देकर अपनी एलिजिबिलिटी साबित कर सकता है। इससे RPLI के लिए एलिजिबिलिटी की प्रक्रिया पहले के मुकाबले आसान हो सकती है।
खास बात यह है कि अब इसके लिए सिर्फ पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक का खाता होना जरूरी नहीं है। किसी अन्य मान्यता प्राप्त बैंक में चालू बचत खाता रखने वाले लोग भी इस सुविधा का इस्तेमाल कर सकेंगे।
RPLI के लिए एलिजिबिलिटी साबित करना अब आसान होगा। इसके लिए लोग अपने चालू बचत खाते का प्रमाण डिजिटल तरीके से भी दे सकेंगे। इसके लिए CBS स्टेटस, ईमेल से मिले बैंक स्टेटमेंट, मोबाइल बैंकिंग का स्क्रीनशॉट, ATM स्टेटमेंट या अपडेटेड पासबुक का इस्तेमाल किया जा सकता है।
सरकार का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया को लोगों के लिए आसान बनाया गया है। अगर आपके पास बैंक खाते से जुड़ा मान्य डिजिटल प्रमाण है, तो अलग से बैंक का प्रमाणपत्र देने की जरूरत नहीं होगी। इससे लोगों को डॉक्यूमेंट जुटाने के लिए बार-बार बैंक या दूसरे दफ्तर जाने की परेशानी भी कम होगी।
ग्रामीण डाक जीवन बीमा यानी RPLI, इंडिया पोस्ट की जीवन बीमा योजना है। इसे खास तौर पर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों तक जीवन बीमा की सुविधा पहुंचाने के लिए शुरू किया गया था।
RPLI की शुरुआत 24 मार्च 1995 को हुई थी। सरकार ने मल्होत्रा समिति की सिफारिशों को मानने के बाद ग्रामीण लोगों तक डाक जीवन बीमा की पहुंच बढ़ाने के लिए यह योजना शुरू की थी।
इस योजना का मकसद ग्रामीण आबादी को जीवन बीमा का सुरक्षा कवच देना है। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर लोगों और महिला कामगारों पर भी खास ध्यान दिया गया है। साथ ही, ग्रामीण इलाकों में बीमा को लेकर जागरूकता बढ़ाना और ज्यादा से ज्यादा लोगों को इससे जोड़ना भी इसका उद्देश्य है।
RPLI योजना 18 से 43 साल की उम्र के लोगों के लिए उपलब्ध है। इसमें अधिकतम 10 लाख रुपये तक का निवेश किया जा सकता है। ग्रामीण इलाकों में यह योजना लंबे समय से लोगों के बीच इस्तेमाल हो रही है।
नए नियमों के बाद गांव से शहर जाने वाले RPLI पॉलिसीधारकों के लिए अपनी मौजूदा पॉलिसी जारी रखना आसान हो सकता है। चालू बचत खाते को एलिजिबिलिटी के एक अतिरिक्त आधार के तौर पर शामिल करने से लोगों के लिए RPLI से जुड़ी प्रक्रिया भी आसान हो गई है।