8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने कॉन्ट्रैक्ट पर कंसल्टेंट की नियुक्ति के नियमों में बदलाव किया है। आयोग ने एक ऑफिस मेमोरेंडम जारी कर कंसल्टेंट की योग्यता, जरूरी अनुभव, उम्र सीमा और पदों की अधिकतम संख्या से जुड़े कई नियमों को बदला है। हालांकि, यह बदलाव सिर्फ आयोग की स्टाफिंग जरूरतों से जुड़ा है। इसमें केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन या भत्तों में किसी तरह के बदलाव का ऐलान नहीं किया गया है।
आयोग ने कंसल्टेंट के पदों को तीन कैटेगरी में बांटा है। इनमें सीनियर कंसल्टेंट, कंसल्टेंट और यंग प्रोफेशनल शामिल हैं। तीनों कैटेगरी के लिए अनुभव, उम्र सीमा और पदों की संख्या अलग-अलग तय की गई है।
सीनियर कंसल्टेंट के पद के लिए उम्मीदवार के पास संबंधित क्षेत्र में कम से कम 10 साल का अनुभव होना जरूरी है। आवेदन करने वाले की अधिकतम उम्र 45 साल तय की गई है। इस कैटेगरी में आयोग अधिकतम दो कंसल्टेंट नियुक्त कर सकता है।
कंसल्टेंट कैटेगरी के लिए संबंधित क्षेत्र में कम से कम छह साल का अनुभव जरूरी है। इस पद के लिए अधिकतम उम्र सीमा 40 साल रखी गई है और आयोग इसमें अधिकतम पांच लोगों की नियुक्ति कर सकता है।
यंग प्रोफेशनल कैटेगरी में आवेदन के लिए कम से कम दो साल का संबंधित अनुभव होना चाहिए। उम्मीदवार की अधिकतम उम्र 32 साल तय की गई है। आयोग इस कैटेगरी में अधिकतम 16 यंग प्रोफेशनल नियुक्त कर सकता है। उम्र और अनुभव की गणना के लिए 1 अगस्त 2026 को कट-ऑफ डेट माना जाएगा।
आयोग के अनुसार, ह्यूमन रिसोर्स, इंडस्ट्रियल रिलेशंस या इससे जुड़े विषयों में मास्टर डिग्री या MBA करने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। LL.B की डिग्री वाले उम्मीदवार भी आवेदन के योग्य हैं, लेकिन उनके पास कानूनी रिसर्च या ट्रिब्यूनल और अदालतों में सर्विस से जुड़े मामलों को संभालने का संबंधित अनुभव होना चाहिए।
IT, डेटा एनालिसिस और डेटा विजुअलाइजेशन के क्षेत्र में संबंधित अनुभव रखने वाले B.Tech और M.Tech उम्मीदवार भी इस पद के लिए पात्र हैं।
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आयोग के मुताबिक, उम्मीदवार में रिसर्च करने, जानकारी जुटाने और उसे व्यवस्थित करने के साथ ड्राफ्ट नोट तैयार करने की क्षमता होना फायदेमंद रहेगा। सभी कैटेगरी के कंसल्टेंट के लिए Excel या स्प्रेडशीट पर काम करने और प्रेजेंटेशन या स्लाइड तैयार करने का अनुभव जरूरी है।
पे या वेतन संरचना, मुआवजा पैकेज और एस्टैब्लिशमेंट से जुड़े मामलों का अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।
कंसल्टेंट से जुड़ा यह आदेश केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की सैलरी बढ़ने का ऐलान नहीं है। इसमें न तो वेतन में किसी प्रतिशत बढ़ोतरी की बात कही गई है और न ही नई बेसिक सैलरी का कोई स्तर बताया गया है।
इसी तरह, फिटमेंट फैक्टर को लेकर भी इस नोटिफिकेशन में कोई आंकड़ा नहीं दिया गया है। फिटमेंट फैक्टर मौजूदा बेसिक पे को नई वेतन व्यवस्था के तहत नए बेसिक पे में बदलने के लिए जरूरी होगा। इसलिए इस नोटिफिकेशन के आधार पर किसी भी प्रस्तावित या अंतिम फिटमेंट फैक्टर को आधिकारिक घोषणा मानना सही नहीं होगा।
ऑफिस मेमोरेंडम में नया पे मैट्रिक्स भी शामिल नहीं है। इसमें केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नई न्यूनतम बेसिक सैलरी या अन्य चीजों की जानकारी भी नहीं दी गई है।
वेतन, भत्ते और पेंशन में बदलाव से जुड़ी जानकारी आयोग की बड़ी समीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा होगी। इन मामलों में अंतिम स्थिति आयोग की सिफारिशों और उसके बाद सरकार के फैसले पर निर्भर करेगी।