केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आज आयकर नियम, 2026 को अधिसूचित कर दिया। ये नियम नए आयकर अधिनियम, 2025 के तहत 1 अप्रैल, 2026 से लागू होंगे। इन नियमों के तहत वेतन पर कराधान, अनुपालन खुलासा, ट्रांसफर प्राइसिंग और विदेशी कर क्रेडिट के दावों में बदलाव किए गए हैं।
अनुसूची 3 के तहत नियम 279 यह प्रावधान करता है कि 50 फीसदी से अधिक आवास किराया भत्ता (एचआरए) छूट अब चार अन्य शहरों पर लागू होगी। इनमें बेंगलूरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद शामिल हैं। इस प्रकार ये शहर अब मुंबई, कोलकाता, दिल्ली और चेन्नई के बराबर हो जाएंगे। बाकी सभी जगहों के लिए यह सीमा वेतन के 40 फीसदी पर सीमित रहेगी।
एकेएम ग्लोबल के मैनेजिंग पार्टनर अमित माहेश्वरी ने कहा कि सरकार के इस कदम से बेंगलूरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद जैसे उभरते महानगरों में बढ़ते किराये को औपचारिक रूप से मान्यता मिली है। मगर उन्होंने यह भी बताया कि नोएडा और गुरुग्राम में भी किराये का स्तर लगभग वैसा ही होने के बावजूद उन्हें अभी भी गैर-महानगर शहरों जैसा माना जाता है।
इन नियमों में नियोक्ता द्वारा दिए गए इलेक्ट्रिक वाहन पर कर संबंधी मामलों को भी स्पष्ट किया गया है। नियम 15 के तहत ईवी को अब छोटी पेट्रोल/ डीजल कार के बराबर माना जाएगा बशर्ते उनका इस्तेमाल कुछ हद तक दफ्तर संबंधी काम के लिए और कुछ हद तक निजी इस्तेमाल के लिए किया जा रहा हो। इससे यह तय होता है कि इस सुविधा से मिलने वाले लाभ के कितने हिस्से पर अतिरिक्त लाभ कर लगेगा।
सीबीडीटी ने बीमा प्रीमियम भुगतानों के लिए वित्तीय लेनदेन विवरण के तहत रिपोर्टिंग की सीमा कम कर दी है। अब बीमा कंपनियों को 5 लाख रुपये से अधिक की प्रीमियम प्राप्तियों का खुलासा करना होगा जहां पैन उपलब्ध है। अगर पैन उपलब्ध न हो तो 2.5 लाख रुपये पर खुलासा अनिवार्य होगा।