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1 अप्रैल से बदलेंगे बैंकिंग नियम: नजरअंदाज किया तो एक साल में 200-800 तक का हो सकता है नुकसान

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1 अप्रैल से RBI के नए नियमों के कारण बैंकिंग सुरक्षा सख्त और ट्रांजेक्शन महंगे होंगे। UPI विड्रॉल पर चार्ज और कम ATM लिमिट आपकी जेब पर असर डालेंगे

Last Updated- March 27, 2026 | 7:13 PM IST
Rupee
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

1अप्रैल से देश के बैंकिंग सिस्टम में कुछ अहम बदलाव होने जा रहे हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के निर्देशों के मुताबिक, बैंक अब डिजिटल ट्रांजेक्शन को और सुरक्षित बनाने के लिए कड़े कदम उठा रहे हैं। बढ़ते फ्रॉड के खतरे को देखते हुए ये बदलाव लाए जा रहे हैं, लेकिन इससे ग्राहकों को थोड़ी परेशानी और खर्च भी हो सकता है।

स्टॉकटिक कैपिटल के फाउंडर विजय माहेश्वरी ने लिंक्डइन पर कहा कि बैंकिंग में आसानी होगी या बार-बार दिक्कत और चार्ज लगेंगे, ये काफी हद तक आपकी जागरूकता पर निर्भर करता है, सिर्फ बैंक पर नहीं।

सुरक्षा के लिए सख्त नियम

अब डिजिटल ट्रांजेक्शन में सिर्फ OTP काफी नहीं रहेगा। टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) जरूरी हो गया है। यानी OTP के साथ पासवर्ड, mPIN या बायोमेट्रिक्स में से एक और चीज लगेगी। बड़े या असामान्य ट्रांजेक्शन पर बैंक रिस्क-बेस्ड ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करेंगे, जिसमें एक्स्ट्रा वेरिफिकेशन स्टेप्स आ सकते हैं। इससे ट्रांजेक्शन में थोड़ी देरी हो सकती है और ज्यादा अलर्ट भी आएंगे।

Also Read: टिकट से लेकर टैक्स तक! 1 अप्रैल से होंगे ये 10 जरूरी बदलाव, जिसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा

UPI कैश विड्रॉल पर नया नियम

सबसे बड़ा असर ATM और UPI से कैश निकालने वालों पर पड़ने वाला है। RBI ग्राहकों को हर महीने कुछ फ्री ATM ट्रांजेक्शन देता है, जिसमें आमतौर पर अपने बैंक के ATM से पांच फ्री होते हैं। इससे ज्यादा पर बैंक 23 रुपये प्लस GST तक चार्ज ले सकते हैं।

HDFC बैंक ने साफ कर दिया है कि अप्रैल 1 से UPI-बेस्ड कार्डलेस ATM विड्रॉल को भी उसी फ्री लिमिट में गिना जाएगा। पहले ये अलग कैटेगरी में थे, अब नहीं। यानी जो लोग अक्सर UPI से ATM से पैसे निकालते हैं, उनकी फ्री लिमिट जल्दी खत्म हो जाएगी और चार्ज लगने लगेगा।

PNB ने घटाई विड्रॉल लिमिट

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने कुछ डेबिट कार्ड्स पर दैनिक ATM विड्रॉल लिमिट घटा दी है। 1 अप्रैल 2026 से कुछ कार्ड्स पर ये लिमिट 1 लाख रुपये से घटकर 50,000 रुपये हो जाएगी। ये बदलाव फ्रॉड रोकने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए किया गया है।

मध्यम इस्तेमाल करने वालों पर सालाना 200-400 रुपये का असर पड़ सकता है, जबकि ज्यादा इस्तेमाल करने वालों को 500-800 रुपये या उससे ज्यादा खर्च हो सकता है। बैंक ग्राहकों को सलाह दे रहे हैं कि नए नियमों की जानकारी लें और अपनी आदतें थोड़ी समायोजित करें, ताकि अनचाहा खर्च न हो।

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First Published - March 27, 2026 | 7:13 PM IST

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