अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावे में कथित धांधली को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने शुक्रवार को अपनी पहली प्रतिक्रिया में इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। संघ ने कहा कि इस घटना ने समस्त समाज और राम भक्तों की भावनाओं और आस्था को गहरा आघात पहुंचाया है। संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने एक बयान में कहा, ‘ इस घटना से हम सभी बेहद दुखी और क्रोधित हैं।’
उन्होंने कहा कि जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले लोगों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए। संघ के नेता का यह बयान श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे और आठ लोगों की गिरफ्तारी के बाद आया है।
होसबाले ने दावा किया कि हिंदू विरोधी और राष्ट्रविरोधी ताकतें इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का फायदा उठाकर हिंदू धर्म को बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने पूरे हिंदू समाज से भी अपील की कि वह इस कठिन समय में धैर्य और संयम बनाए रखें, ताकि इस तरह की सभी साजिशों को विफल किया जा सके।
होसबाले ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समेत पूरे हिंदू समाज की न्यास से स्वाभाविक ही अपेक्षा है कि वह इस अत्यंत निंदनीय घटना को असाधारण मामला मानते हुए मंदिर के प्रबंधन और संचालन में मौजूद सभी कमियों को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए। उन्होंने कहा कि यह इसलिए बहुत महत्त्वपूर्ण है, ताकि अयोध्या के राम मंदिर के प्रति करोड़ों रामभक्तों की आस्था और श्रद्धा अटूट तथा अडिग बनी रहे।
उन्होंने कहा कि कहा कि श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के आग्रहपूर्वक निवेदन पर उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर उसकी अनुशंसा पर कानूनी प्रक्रिया शुरू की है। अब यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिले। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि मौजूदा भ्रम और अनिश्चितता की स्थिति समाप्त होनी चाहिए। होसबाले ने कहा, ‘इस संबंध में हमें अपेक्षा है कि मंदिर प्रबंधन और सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल सभी आवश्यक कदम उठायेगा।’
उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि पर निर्मित भव्य मंदिर पीढ़ियों के संघर्ष तथा करोड़ों रामभक्तों के समर्पण, त्याग और ‘बलिदान’के कारण पूरे हिंदू समाज की श्रद्धा, आस्था और भक्ति का केंद्र है। उन्होंने कहा, ‘हमारा यह विश्वास है कि समुचित वित्तीय प्रबंधन, सुचारू संचालन के लिए पारदर्शी व्यवस्थाओं एवं शुद्धता और शुचिता से परिपूर्ण धार्मिकता से ओतप्रोत वातावरण के द्वारा श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास हिन्दू समाज की आस्था एवं विश्वास को सुदृढ़ बनाए रखेगा।’
सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि एसआईटी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के पिछले पांच वर्षों के खातों का फिर से ऑडिट करेगा, क्योंकि प्रारंभिक जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का संकेत मिला है।
सूत्रों ने बताया कि पुन: ऑडिट में निर्माण-संबंधी व्यय के साथ-साथ दान के रूप में प्राप्त आभूषण और सोने तथा चांदी की अन्य वस्तुओं को भी शामिल किया जाएगा। एक और घटनाक्रम में, अयोध्या पुलिस ने मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला को हिरासत में लेने के बाद उससे पूछताछ की। एसआईटी ने चंपत राय, मिश्रा और मंदिर के निर्माण और प्रबंधन से जुड़े गोपाल राव से पूछताछ की है। राय और मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है और न्यास द्वारा छह जुलाई को होने वाली बैठक में उनके फैसलों पर निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।
(साथ में एजेंसियां)