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येस बैंक एटी-1 जांच में सेबी के साथ कर रहे हैं सहयोग : निप्पॉन इंडिया एमएफ

Last Updated- December 11, 2022 | 8:17 PM IST

निप्पॉन लाइफ इंडिया ऐसेट मैनेजमेंट (विगत में रिलायंस म्युचुअल फंड के नाम से मशहूर) ने शुक्रवार को कहा कि वह येस बैंक एटी-1 (परपेचुअल बॉन्ड) के मामले में हो रही जांच में सेबी के साथ सहयोग कर रही है।
निप्पॉन एमएफ ने एक बयान मेंं कहा, सेबी इस मामले की जांच कर रहा है। सेबी ने इसमें निवेश को लेकर कंपनी व उसके अधिकारियों से जानकारी मांगी और कुछ निश्चित तीसरे पक्षकार को भी लेकर भी जानकारी चाही। कंपनी व उसके अधिकारी नियामक को किसी भी तरह की पूछताछ मेंं सहायता करने के लिए अपने कानूनी सलाहकारों के साथ काम कर रहे हैं। जिम्मेदार कंपनी की तरह हम अपने सभी हितधारकों के लिए प्रतिबद्ध बने हुए हैं।
निप्पॉन एमएफ का शेयर शुक्रवार को करीब 3 फीसदी टूट गया।
यह बयान उस खबर के बाद आया है कि सेबी इसकी जांच कर रहा है कि फंड हाउस की तरफ से येस बैंक के एटी-1 बॉन्ड में किया गया 2,500 करोड़ रुपये निवेश क्या उसके पूर्व प्रवर्तक अनिल अंबानी की अगुआई वाली रिलांयस कैपिटल के प्रभाव में हुआ था। रिपोर्ट के मुताबिक, निप्पॉन एमएफ के मुख्य कार्याधिकारी संदीप सिक्का की भूमिका की जांच भी सेबी ने की है। साल 2019 में रिलायंस कैपिटल ने अपनी हिस्सेदारी बेचकर फंड हाउस जापान की वित्तीय सेवा दिग्गज निप्पॉन लाइफ को सौंप दी थी।
येस बैंक के एटी-1 बॉन्ड को मार्च 2020 में पुनर्गठन योजना के तहत बट्टे खाते मेंं डाल दिया गया था। इससे कई निवेशकों को भारी नुकसान हुआ। निप्पॉन एमएफ का इस बॉन्ड में काफी ज्यादा निवेश था। बताया जाता है कि सेबी येस बैंक व अनिल अंबानी की फर्मों के बीच हुए कर्ज सौदे की भी जांच कर रहा है।
अप्रैल 2021 में सेबी ने येस बैंक व उसकी प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट टीम के तीन वरिष्ठ अधिकारियों पर 25 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।

First Published - April 1, 2022 | 11:48 PM IST

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