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बॉन्ड प्रतिफल में तेजी से दूसरे दिन टूटा शेयर बाजार

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 7:26 AM IST

प्रमुख सूचकांकों में लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि बॉन्ड प्रतिफल से जोखिम वाली परिसंपत्तियों के लिए निवेशकों की दिलचस्पी प्रभावित हुई है। धारणा प्रभावित हुई है, क्योंकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल बढ़ते बॉन्ड प्रतिफल और मुद्रास्फीति को लेकर निवेशकों की चिंताएं दूर करने में विफल रहे हैं।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने शुक्रवार को 2,014 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे, जबकि घरेलू निवेशकों ने अन्य 1,192 करोड़ रुपये की बिकवाली की।
फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष ने कहा कि प्रतिफल में ताजा तेजी ने उनका ध्यान आकर्षित किया है, लेकिन फिलहाल इस बारे में कोई संकेत नहीं दिया है कि केंद्रीय बैंक इससे निपटने के लिए क्या योजनाए बनाएगा। हालांकि उन्होंने कहा कि फेडरल अमेरिकी आर्थिक रिकवरी के लिए समर्थन वापस लेने में धैर्य बरतेगा, क्योंकि बेरोजगारी का स्तर लक्षित स्तरों से ऊपर बना हुआ है।
पॉवेल के बयानों के बाद 10 वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल एक बार फिर से 1.5 प्रतिशत पर पहुंच गया।
दिन के कारोबार में 685 अंक की गिरावट के बाद सेंसेक्स आखिर में 50,405 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 0.9 प्रतिशत या 142 अंकों की गिरावट के साथ 14,932 पर बंद हुआ। दोनों सूचकांक पिछले दो सत्रों में 2 प्रतिशत की गिरावट के बाद पूरे सप्ताह में 2.6 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुए।
शुक्रवार को प्रमुख सूचकांकों में करीब 4 प्रतिशत की कमजोरी आई, क्योंकि 10 वर्षीय बॉन्ड प्रतिफल 1.6 प्रतिशत चढ़ गया था।
प्रतिफल में तेजी ने बाजार को इस अटकल में रखा है कि क्या यह मुद्रास्पुीति को कम करने या महामारी से प्रभावित हुई अर्थव्यवस्था में सुधार का संकेत है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज में रिटेल शोध के प्रमुख दीपक जसानी ने कहा, ‘वैश्विक रूप से अनिश्चितता की वजह से बाजार पर बिकवाली दबाव पड़ा है और अल्पावधि निवेशकों ने उन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मुनाफा कमाने पर जोर दिया, जिनमें पिछले कुछ सप्ताहों में अच्छी तेजी आई। दो सप्ताह के नुकसान के बाद पूरे सप्ताह के संदर्भ में निफ्टी सुधार के साथ बंद हुआ और उसने शुक्रवार को पिछले नुकसान की काफी हद तक भरपाई की। हालांकि भारतीय इक्विटी बाजारों में निवेशकों की नजर बॉन्ड प्रतिफल के रुझान पर लगी रहेगी।’
निवेशक अमेरिकी रोजगार डेटा और अमेरिका में 1.9 लाख करोड़ डॉलर के राहत पैकेज के संदर्भ में प्रगति पर ध्यान लगाए हुए थे। रोजगार रिपोर्ट से श्रम बाजार के सुधार की दिशा तय होने की संभावना है। अमेरिकी संसद ने 1.9 लाख करोड़ डॉलर के राहत पैकेज पर चर्चा शुरू कर दी है।
विश्लेषकों का कहना है कि कुछ उभरते इक्विटी बाजारों के लिए आगामी राह अनिश्चित हो सकती है, क्योंकि निवेशक नकदी के बजाय वृद्घि-केंद्रित बाजारों पर जोर दे रहे हैं, क्योंकि आर्थिक गतिविधि सामान्य होने लगी है।
शुक्रवार को भारतीय बाजार में चढऩे वाले शेयरों की संख्या 1,057 और गिरने वाले शेयरों की संख्या 1,929 रही। सेंसेक्स के दो-तिहाई से ज्यादा शेयर आखिर में नुकसान के साथ बंद हुए।

First Published : March 5, 2021 | 11:25 PM IST