आर्थिक गतिविधियां रुक जाने से 2020 की अप्रैल-जून तिमाही के दौरान परिवारों की वित्तीय बचत विषम तरीके से बढ़ी थी, आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक सितंबर तिमाही (दूसरी तिमाही) में सामान्य स्तर पर पहुंच गई।
भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जारी मासिक बुलेटिन से पता चलता है कि देशबंदी के दौरान शुद्ध वित्तीय बचत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 21 प्रतिशत बढ़ी थी। दूसरी तिमाही में शुद्ध प्रवाह जीडीपी का 10.4 प्रतिशत था। बुलेटिन के एक लेख में कहा गया है, ‘विपरीत दिशा में बदलाव पविराों की बैंकों व एनबीएफसी से उधारी के कारण हुआ है।’
मध्यस्थों पर जीएसटी को लेकर समीक्षा याचिका
गुजरात उच्च न्यायालय ने विदेशी कंपनियों के लिए मार्केटिंग और प्रमोशन सेवाएं प्रदान करने वाली फर्मों पर एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर (आईजीएसटी) लगाए जाने की संवैधानिक वैधता पर दिए अपने फैसले की समीक्षा की याचिका को स्वीकार कर लिया है। यह मसला जीएसटी व्यवस्था के तहत आपूर्ति नियमों से जुड़ा है। इन फर्मों के मामले में, जिन्हें तकनीकी शब्दावली में इंडेंटिंग एजेंट कहा जाता है, आपूर्ति की जगह भारत के भीतर मानी जाती है। ये मध्यस्थ फर्में विदेशी कंपनियों की एजेंट होती हैं । बीएस