facebookmetapixel
Hyundai Motors Share: Q3 में 6% बढ़ा मुनाफा, अब स्टॉक में आएगा तेजी? एमके ग्लोबल ने बतायाIndia-US ट्रेड डील से रुपये को मिली पावर, डॉलर के मुकाबले 119 पैसे उछलाUS Tariffs: भारत पर टैरिफ घटकर 18%, जानिए पाकिस्तान, बांग्लादेश और चीन पर कितना टैक्सभारत-US ट्रेड डील से अदाणी ग्रुप को कितना फायदा? जान लें स्टॉक्स का हालIndia US trade deal: अमेरिका से भारत को ज्यादा कृषि उत्पादों का होगा निर्यात, रूस के खिलाफ कार्रवाई में मिलेगी मदद- US टॉप लीडर्सIndia US Trade Deal: ट्रेड डील से इन 15 स्टॉक्स को होगा सीधा फायदा, लिस्ट में अदाणी ग्रुप की 2 कंपनियों का भी नामIPO के बाद दौड़ा ICICI प्रूडेंशियल AMC, डेढ़ महीने में निवेशकों को 44% फायदाIndia-US ट्रेड डील के बाद शेयर बाजार में कहां बनेंगे पैसे? ब्रोकरेज ने बताए पसंदीदा सेक्टरUS-India Trade Deal: टैरिफ कट का बड़ा असर, फार्मा से IT तक इन 5 सेक्टरों के स्टॉक्स में दिखेगी तेजीसुलभ होगा उपचार, बहुराष्ट्रीय फार्मास्युटिकल को मिलेगी धार

बाजार में बनी रही अनिश्चितता, पहली छमाही में इक्विटी से जुटाई गई कम रकम

इक्विटी कैपिटल मार्केट्स की गतिविधियों में IPO, FPO और ब्लॉक ट्रेड शामिल होते हैं

Last Updated- June 12, 2023 | 11:28 PM IST

इस साल भारत में इक्विटी के जरिए रकम जुटाने की गतिविधियां कम हो गईं जबकि वैश्विक स्तर पर इसमें विस्तार हुआ। इस साल अभी तक इक्विटी कैपिटल मार्केट्स से 7.7 अरब डॉलर जुटाए गए, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 15 फीसदी कम है। इसकी तुलना में वैश्विक स्तर पर इक्विटी कैपिटल मार्केट्स से 234.8 अरब डॉलर जुटाए गए, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 19 फीसदी ज्यादा है। रेफ्निटिव के आंकड़ों से यह जानकारी मिली।

इक्विटी कैपिटल मार्केट्स की गतिविधियों में आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO), FPO और ब्लॉक ट्रेड शामिल होते हैं।

इस साल अब तक IPO से 0.9 अरब डॉलर जुटाए गए हैं, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 83 फीसदी कम है। वैश्विक स्तर पर IPO से इस साल 48.2 अरब डॉलर जुटाए गए, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 26 फीसदी कम है।

FPO के जरिये करीब 6.8 अरब डॉलर जुटाए गए, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 74 फीसदी ज्यादा है। वैश्विक स्तर पर इसके जरिये 145.8 अरब डॉलर जुटाए गए, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 37 फीसदी ज्यादा है।

बैंकरों ने कहा, IPO की गतिविधियों में गिरावट की वजह भारतीय बाजारों की अशांति है। भारतीय बाजार दिसंबर व मार्च के बीच करीब 10 फीसदी टूटे। दरों में बढ़ोतरी का डर, भारत की अग्रणी फर्मों के बारे में शॉर्ट सेलर्स की रिपोर्ट और अमेरिका में बैंकिंग संकट से इक्विटी बाजारों में उतार चढ़ाव बढ़ा और रकम जुटाना मुश्किल हो गया।

Also read: Retail Inflation: महंगाई के मोर्चे पर बड़ी राहत! मई में खुदरा महंगाई घटकर 25 महीने के निचले स्तर पर

निवेश बैंकरों ने कहा, कीमत को लेकर प्रमोटरों की आकांक्षा और मूल्यांकन पर निवेशकों की इच्छा के बीच अंतर से कुछ कंपनियों की लिस्टिंग की योजना पहली छमाही में टल गई।

उन्होंने कहा कि IPO लाना किसी कंपनी का अहम पड़ाव होता है और वे चाहती हैं कि इस दौरान बाजार की स्थिति ठीक रहे। कई कंपनियां अपनी पेशकश से पहले बाजार के सही हालात का इंतजार करती हैं।

Also read: 70 फीसदी तक दवाओं का नहीं हो पाता कोई यूज, सर्वे ने बताई फेंकी जाने की वजह

इन्गा वेंचर्स के संस्थापक जीएस गणेश ने कहा, भारतीय बाजारों में सुस्त गतिविधियों के लिए मैं कीमत को जिम्मेदार ठहराऊंगा। यह बाजार सही कीमत व अच्छी कहानी के लिए है। अच्छी कहानियों के लिवाल होते हैं, चाहे यह थोड़ा महंगा क्यों न हो। अभी भी उन कंपनियों को बाजार से रकम जुटाना मुश्किल होता है जिनकी लाभ की स्पष्ट दिशा नहीं होती।

First Published - June 12, 2023 | 8:29 PM IST

संबंधित पोस्ट