Stocks to Buy: एशियाई बाजारों में तेजी के बीच भारतीय शेयर बाजार मंगलवार (3 फरवरी) को जोरदार तेजी के साथ खुले। अमेरिका और भारत के बीच लंबे समय से अटकी हुई ट्रेड ट्रीड की घोषणा से बाजार झूम उठा। इससे बाजार में चौतरफा खरीदारी देखी गई। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोमवार को भारत के साथ बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील का एलान कर दिया। इस समझौते के तहत भारतीय सामानों पर लगाया जाने वाला रेसिप्रोकल टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। बाजार में इस मूड माहौल के बीच ब्रोकरेज हॉउस एमके ग्लोबल ने पीएसयू स्टॉक्स गेल (इंडिया) और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया पर तिमाही नतीजों के बाद पॉजिटिव आउटलुक दिया है।
एमके ग्लोबल ने स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड पर अपनी ‘BUY’ रेटिंग को बरकरार रखा है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 175 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इस तरह, शेयर अपने पिछले बंद भाव 149 रुपये से 17 प्रतिशत का रिटर्न दे सकता है।
ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि प्रति टन EBITDA से पहले का लाभ घटकर 4,465 रुपये रह गया है। यह करीब 3,000 रुपये प्रति टन की स्टील कीमतों में गिरावट के बावजूद मजबूती दिखाता है। इसका सहारा बेहतर प्रोडक्ट मिश्रण से मिला। उप-उत्पाद और कबाड़ की बिक्री मजबूत रही। बिक्री की मात्रा भी बढ़ी।
ब्रोकरेज के अनुसार, मैनेजमेंट को उम्मीद है कि चौथी तिमाही में मार्जिन बेहतर होगा। तिमाही के बाद 4,000 से 5,000 रुपये प्रति टन की कीमत बढ़ोतरी की गई है। रिन्यूएबल एनर्जी आधारित बिजली लागत स्ट्रक्चरल रूप से कम हुई है।
हालांकि, कोकिंग कोयले की लागत बढ़ने से कुछ असर पड़ेगा। इसके बावजूद चौथी तिमाही में प्रति टन लाभ करीब 7,000 रुपये रहने का अनुमान है। मात्रा में स्थिर वृद्धि बनी हुई है। सेमी-फिनिश्ड उत्पादों का रेश्यो घटाने का लक्ष्य है। इससे कमाई को लेकर स्पष्टता बनी हुई है।
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एमके ग्लोबल ने गेल (इंडिया) पर अपनी खरीदारी की सलाह को बरकरार रखा है। साथ ही स्टॉक पर 180 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। यह स्टॉक के पिछले बंद भाव 160 रुपये से 12.5 प्रतिशत ज्यादा है।
ब्रोकरेज के अनुसार, प्रबंधन ने वित्त वर्ष 2025–26 और 2026–27 के लिए मात्रा संबंधी अनुमान बरकरार रखा है। यह क्रमशः 12.4 से 12.5 और 13.4 से 13.5 करोड़ मानक घन मीटर प्रतिदिन है। वित्त वर्ष 2025–26 के लिए विपणन से कर-पूर्व लाभ का अनुमान भी दोहराया गया है। यह 40 से 45 अरब रुपये के दायरे में रहेगा। हालांकि जोर निचले स्तर की ओर अधिक है।
ब्रोकरेज ने कहा कि चौथी तिमाही में पेट्रोकेमिकल कारोबार का हाल लगभग समान रह सकता है। इसका कारण हेनरी हब गैस कीमतों में तेज बढ़ोतरी है। हालांकि वित्त वर्ष 2026–27 में सुधार की उम्मीद है। गैस की लागत नरम रहने की संभावना है। बहुलक की कीमतें मजबूत रह सकती हैं।
(डिस्क्लमेर: यहां शेयर में खरीदारी की सलाह ब्रोकरेज ने दी है। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)