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India-Us trade deal: भारतीय मसालों का जायका होगा तेज, निर्यात को मिलेगा बढ़ावा

इस डील की खबर के बाद आज मसालों की कीमतों में दिखी तेजी, इस डील से हल्दी, धनिया, जीरा जैसे मसालों के साथ ग्वार गम को होगा सबसे ज्यादा लाभ

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रामवीर सिंह गुर्जर   
Last Updated- February 03, 2026 | 5:57 PM IST

इंडिया-यूएस ट्रेड डील का आज भारतीय मसालों के कारोबार पर सकारात्मक असर दिखा। मसालों के कारोबार की शुरुआत तेजी के साथ हुई। ग्वार गम के भाव में भी तेजी देखने को मिली। टैरिफ घटने से भारतीय मसालों का अमेरिका को निर्यात बढ़ सकता है। इस डील से अब ग्वार गम के साथ ही हल्दी, धनिया, जीरा जैसे मसाले, चावल, सोया खली के निर्यात को लाभ होगा। अमेरिका ने पहले इन कमोडिटी पर 50 फीसदी शुल्क लगाया था, अब इसे घटाकर 18 फीसदी कर दिया जाएगा।

हालांकि अमेरिकी शीर्ष नेताओं ने इस समझौते से अमेरिकी किसानों को फायदा होने की बात कही है। ऐसे में अमेरिकी कृषि उत्पादों की भारत में पहुंच बढ़ने की आशंका है। जिसका भारत विरोध करता है। हालांकि अभी इस पर कुछ स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। फिर भी भारत के खासकर सेब किसान चिंतित हैं।

इंडिया-यूएस ट्रेड डील से कौन सी कमोडिटी को होगा लाभ?

इस ट्रेड डील से कुछ कमोडिटी को लाभ होने की संभावना है। आईग्रेन इंडिया में निदेशक राहुल चौहान ने बताया कि भारत से अमेरिका को मसालों में हल्दी, जीरा, धनिया का निर्यात किया जाता है। इसके अलावा चावल, ग्वार गम, सोया खली का भी निर्यात होता है। ऊंचे टैरिफ के कारण पहले इनको नुकसान हो रहा था। लेकिन अब टैरिफ घटने से इनके निर्यात में बढ़ोतरी हो सकती है।

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जिंस विश्लेषक और ब्रिगिड एग्रो ट्रेड में वरिष्ठ कमोडिटी विश्लेषक रवि शंकर पांडे ने कहा कि इंडिया यूएस ट्रेड डील से ग्वार गम को काफी लाभ होने वाला है। पिछले साल अगस्त महीने में 50 फीसदी टैरिफ लगने के बाद अमेरिका को ग्वार गम के निर्यात में कमी आ रही है। 2025 में सितंबर से नवंबर के बीच अमेरिका को भारत से 8,346 टन ग्वार गम का निर्यात हुआ है, जो इससे पहले वाले साल की इसी अवधि में निर्यात हुए 10,203 टन ग्वार गम से 18 फीसदी कम है। ऐसे में अब टैरिफ घटने से ग्वार गम का अमेरिका को निर्यात बढ़ सकता है। ग्वार गम के साथ ही चावल का निर्यात भी बढ़ने की उम्मीद है।

इंडिया यूएस डील की खबर से मसालों की तेज शुरुआत

इंडिया-यूएस के बीच ट्रेड डील होने के कारण आज मसालों के कारोबार की शुरुआत तेज रही। आईग्रेन इंडिया में निदेशक राहुल चौहान ने बताया कि इंडिया-यूएस ट्रेड डील की खबर से वायदा और हाजिर बाजार में जीरा, हल्दी, धनिया,मिर्च आदि जिंसों की कीमतों में तेजी देखने को मिली। ग्वार गम के भाव में तेजी दिखी।

एनसीडीईएक्स पर जीरे का अप्रैल अनुबंध 205 रुपये की तेजी के साथ 24,300 रुपये के भाव पर, धनिया अप्रैल अनुबंध 134 रुपये की तेजी के साथ 12,320 रुपये, हल्दी का मई अनुबंध 144 रुपये की तेजी के साथ 16,802 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर खुला। ग्वार गम के भाव में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। इसका अप्रैल अनुबंध 413 रुपये की तेजी के साथ 10,767 रुपये प्रति क्विंटल पर खुला।

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इंडिया-यूएस डील ने बढ़ाई सेब किसानों की चिंता

इंडिया यूएस ट्रेड डील की खबर के बाद भारत में अमेरिकी कृषि उत्पादों की पहुंच बढ़ने की संभावना पर विवाद हो रहा है। हालांकि इस डील में इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। लेकिन अमेरिकी नेताओं ने बयान दिए हैं कि इस डील से अमेरिकी किसानों को लाभ होगा। ऐसे में भारतीय सेब किसान चिंतित नजर आ रहे हैं। भारतीय सेब उत्पादक संघ के अध्यक्ष और हिमाचल के सेब किसान रविंद्र चौहान ने कहा अमेरिकी सेब भारतीय किसानों के लिए बाजार को प्रभावित करते हैं। अभी तो इन पर 50 फीसदी शुल्क लग रहा है। अगर इसे हटा या कम कर दिया गया तो भारतीय सेब किसानों को नुकसान सहना पड़ेगा।

जिंस 2024-25 2025-26 बदलाव (%)
हल्दी 2,202 1,800 18.25
जीरा 3,065 1,799 41.30
धनिया 345 310 10.14
ग्वार गम 10,203 8,346 18.20

नोट: निर्यात के आंकड़े टन में और बदलाव फीसदी में है।

First Published : February 3, 2026 | 5:57 PM IST