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आर्थिक मामलों के विभाग (DEA) की सचिव अनुराधा ठाकुर ने मंगलवार को कहा कि आज सुबह काफी हद तक अनिश्चितता खत्म हो गई है, जो भारत-अमेरिका ट्रेड डील की घोषणा की ओर इशारा करता है। वह फिक्की (FICCI) के केंद्रीय बजट 2026–27 पर आयोजित सम्मेलन में बोल रही थीं।
ठाकुर ने कहा कि बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक मजबूती दिखा रही है, भले ही वैश्विक माहौल में अनिश्चितता हो। उस अनिश्चितता का बड़ा हिस्सा आज सुबह खत्म हो गया।
भारत की स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि हम सभी वैश्विक व्यवस्था का हिस्सा हैं और एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। ऐसे में भारत दुनिया में मैक्रोइकोनॉमिक रूप से एक मजबूत देश के रूप में उभरता है। संतुलित और भरोसेमंद वित्तीय प्रबंधन और स्थिर वित्तीय प्रणाली की वजह से भारत विकास को बनाए रखने में सफल रहा है।
ठाकुर ने कहा कि आगे भी हम इसी रास्ते पर निरंतरता और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं। यह स्थिरता और भरोसा लंबे समय के निवेश फैसलों के लिए जरूरी है और विकास को मजबूती देने की मजबूत नींव तैयार करता है।
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उसी कार्यक्रम में वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के सचिव एम नागराजू ने कहा कि दुनिया की अर्थव्यवस्था पर छाए अनिश्चितता के “काले बादल” अब हट गए हैं। उन्होंने कहा कि आज वैश्विक अर्थव्यवस्था से अनिश्चितता का एक बड़ा बादल हट गया है, क्योंकि हमारे प्रधानमंत्री और डॉनल्ड ट्रंप ने ट्रेड डील पर बात की।
नागराजू ने उद्योग जगत से सकारात्मक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद से ही सरकार उद्योग के साथ मिलकर इसके नकारात्मक असर को कम करने में लगी थी।
उन्होंने बताया कि निर्यातकों के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम लाई गई। 4,000 से ज्यादा लोन आवेदन मंजूर किए गए। ₹1,500 करोड़ से ज्यादा की राशि वितरित की गई। अब 18 प्रतिशत टैरिफ के साथ उद्योग जगत को अनिश्चितता से राहत मिलेगी।
करीब एक साल की बातचीत और कई दौर की चर्चा के बाद भारत और अमेरिका ने सोमवार को ट्रेड डील को अंतिम रूप दिया, जिसके तहत भारतीय उत्पादों पर टैरिफ 25% से घटाकर 18% कर दिया गया।
हालांकि, समझौते की तारीफ हो रही है, लेकिन कुछ अहम मुद्दों पर अब भी स्पष्टता नहीं है, जैसे कृषि क्षेत्र, रूस से तेल खरीद, सर्विस सेक्टर, खासकर ट्रंप की सख्त इमिग्रेशन नीतियों के बीच, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टैरिफ कटौती से आगे ज्यादा जानकारी नहीं दी। वहीं, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि भारत ने अपने टैरिफ शून्य करने और अमेरिकी उत्पादों की खरीद काफी बढ़ाने पर सहमति जताई है।