Stock Market Closing Bell on Tuesday, December 02, 2025: एशियाई बाजारों में तेजी के बीच भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के दूसरे ट्रेडिंग सेशन यानी मंगलवार (2 दिसम्बर) को लाल निशान में बंद हुए। एक दिन पहले रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद निवेशकों की मुनाफावसूली से बाजार में गिरावट देखने को मिली। फाइनेंशियल सर्विसेज और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में बिकवाली ने भी बाजार को नीचे की तरफ खींचा।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 300 से ज्यादा अंक गिरकर 85,325 पर खुला। कारोबार के दौरान 85,553 अंक के इंट्रा-डे हाई और 85,053 अंक के लो तक गया। अंत में यह 503.63 अंक या 0.59 फीसदी की गिरावट लेकर 85,138.27 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी गिरावट के साथ 26,087 पर खुला। कारोबार के दौरान यह 25,997 अंक तक फिसल गया था। अंत में यह 143.55 अंक या 0.55 फीसदी गिरकर 26,032.20 पर बंद हुआ।
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा, ”भारतीय शेयर बाजार पूरे सत्र के दौरान बिकवाली के दबाव में रहे। सतर्क निवेशकों ने प्रॉफिट बुकिंग की। रुपये की लगातार कमजोरी ने बाजार के सेंटीमेंट्स पर भार डाला। मुद्रा में तेज गिरावट ने जोखिम लेने की ट्रेंड को कम किया और निवेशकों को रक्षात्मक रुख अपनाने के लिए प्रेरित किया, जिससे विभिन्न सेक्टर्स में सतर्कता बढ़ी।”
उन्होंने कहा, ”मोटे तौर पर देखें तो भारतीय बाजार संरचनात्मक रूप से मजबूत बने हुए हैं। मजबूत जीडीपी ग्रोथ और स्थिर घरेलू संस्थागत निवेश (DII) इनफ्लो लगातार अंतरिम विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली की भरपाई कर रहे हैं। मीडियम से लॉन्ग टर्म आउटलुक सकारात्मक बना हुआ है। ग्रॉस सेटअप हाई क्वालिटी वाले बड़े शेयरों में ‘डिप पर खरीद’ की रणनीति को समर्थन देता है। निवेशकों को दिसंबर आरबीआई नीति पर भी करीबी नजर रखनी चाहिए। 25 बेसिस पॉइंट्स की दर कटौती बाजार भावना को अतिरिक्त बढ़ावा दे सकती है।”
सेंसेक्स की कंपनियों में एक्सिस बैंक, एचडीएसफी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स एलएन्डटी, बजाज फिनसर्व और आईटीसी के शेयर प्रमुख रूप से गिरावट में रहे। दूसरी तरफ, एशियन पेंट्स के शेयर 3 फीसदी से ज्यादा चढ़कर बंद हुआ। मारुती, भारती एयरटेल और बजाज फाइनेंस के शेयर प्रमुख रूप से लाभ में रहे।
ब्रोडर मार्केट में निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.22 फीसदी गिरकर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.55 फीसदी गिरा। सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स 0.9 प्रतिशत और निफ्टी केमिकल 0.75 प्रतिशत लुढ़क गया। इसके अलावा बैंक, मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, एफएमसीजी, आईटी, ऑटो और ऑयल एंड गैस भी गिरावट में रहे। दूसरी तरफ, निफ्टी फार्मा और हेल्थकेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
एशियाई बाजार मंगलवार को ज्यादातर बढ़त में रहे। दक्षिण कोरियाई ऑटो शेयरों में तेजी देखने को मिली। यह बढ़त तब दर्ज हुई जब अमेरिकी कॉमर्स मंत्री हावर्ड लट्निक ने पुष्टि की कि दक्षिण कोरिया से आयातित वाहनों पर अमेरिका की 15 प्रतिशत की घटाई गई ऑटो टैरिफ दर 1 नवंबर से रेट्रोस्पेक्टिव रूप से लागू होगी। ह्युंदै मोटर और किया के शेयर क्रमशः लगभग 5 प्रतिशत और 3 प्रतिशत चढ़े, जिससे कोस्पी 1.02 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ।
दक्षिण कोरिया में नवंबर की मुद्रास्फीति सालाना आधार पर 2.4 प्रतिशत बढ़ी, जो अनुमान से थोड़ी अधिक रही। जबकि कोर मुद्रास्फीति 2 प्रतिशत पर स्थिर रही। इन स्थिर आंकड़ों ने बैंक ऑफ कोरिया के 2.5 प्रतिशत पर ब्याज दरें स्थिर रखने के फैसले को समर्थन दिया।
जापान का निक्केई 225 शुरुआती कारोबार में 0.54 प्रतिशत बढ़ा। जेजीबी (जापानी सरकारी बॉन्ड) यील्ड में तेज उछाल आया, जहां 10-वर्षीय यील्ड 1.88 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो 2008 के बाद सबसे अधिक है। यह दर वृद्धि की बढ़ती उम्मीदों के कारण हुआ। ऑस्ट्रेलिया का एएसएक्स 200 भी 0.12 प्रतिशत चढ़ा।
वहीं, वॉल स्ट्रीट पर क्रिप्टो-प्रेरित बिकवाली के बाद निवेशकों की धारणा सतर्क रही। बिटकॉइन लगभग 6 प्रतिशत गिरा, जिससे कॉइनबेस और स्ट्रैटेजी जैसी क्रिप्टो-लिंक्ड कंपनियों के शेयर टूटे। जबकि एआई कंपनियां ब्रॉडकॉम और सुपर माइक्रो कंप्यूटर में भी प्रॉफिट-बुकिंग देखने को मिली। एसएंडपी 500 में 0.53 प्रतिशत की गिरावट हुई, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 0.38 प्रतिशत नीचे रहा। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.9 प्रतिशत गिर गया।