Stock Market Crash: एशियाई बाजारों में गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार के मंगलवार (9 दिसंबर) को लाल निशान में खुलने के बाद बड़ी गिरावट में फिसल गए। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भारत से आयात होने वाले चावल पर टैरिफ लगाने की बात कही है। इससे निवेशकों के सेंटीमेंट्स पर नेगेटिव असर पड़ा है। साथ ही अमेरिका के साथ ट्रेड डील की उम्मीदों को भी झटका लगा है। ताजा गिरावट के साथ सेंसेक्स (Sensex) में दो ट्रेडिंग सेशन में 1,300 अंक या 1.5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है। जबकि निफ्टी 50 (Nifty-50) में केवल दो सेशन में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट आई है।
शेयर बाजार में ताजा गिरावट से निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ है। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप घटकर 460,94,976 करोड़ रुपये पर आ गया है। शुक्रवार को यह 471,71,042 करोड़ रुपये था। इस तरह, निवेशकों को पिछले दो ट्रेडिंग सेशन में 10,76,065 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
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अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में घरेलू मुद्रा 10 पैसे गिरकर 90.15 रुपये प्रति डॉलर पर आ गई। कंपनियों, आयातकों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की डॉलर मांग ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। सोमवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.05 रुपये पर बंद हुआ था।
भारत और अमेरिका ट्रेड डील में लगे हुए हैं। लेकिन अभी तक डील को लेकर कोई घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, अमेरिकी ट्रेड वार्ताकार इस सप्ताह व्यापार वार्ता जारी रखने के लिए भारत में होंगे। लेकिन माना जा रहा है कि क्रिसमस और नए साल की छुट्टियों के कारण दिसंबर में कोई समझौता अंतिम रूप नहीं ले पाएगा।
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के बुधवार को ब्याज दरों पर फैसले से पहले वैश्विक स्तर पर बाजार सतर्क दिखाई दे रहे हैं। निवेशकों को उम्मीद है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की कटौती करेगा। लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि फेड का आक्रामक रुख बाजार के सेंटीमेंट्स पर और असर डाल सकता है।