शेयर बाजार

Q3 Results: Groww का मुनाफा 28% घटा, लेकिन आय बढ़ी; HDFC AMC का लाभ 20% उछला

देश की सबसे बड़ी ब्रोकरेज कंपनी ने कमोडिटी ट्रेडिंग, शेयरों पर लोन और वेल्थ मैनेजमेंट जैसे नए प्रोडक्ट सेगमेंटों के योगदान से राजस्व में 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी की

Published by
बीएस संवाददाता   
Last Updated- January 14, 2026 | 10:29 PM IST

दिसंबर 2025 में समाप्त तिमाही में बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स (ग्रो) का शुद्ध लाभ 28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 547 करोड़ रुपये रहा। देश की सबसे बड़ी ब्रोकरेज कंपनी ने कमोडिटी ट्रेडिंग, शेयरों पर लोन और वेल्थ मैनेजमेंट जैसे नए प्रोडक्ट सेगमेंटों के योगदान से राजस्व में 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी की और उसका राजस्व 1,261 करोड़ रुपये रहा। पिछली तिमाही के मुकाबले, लाभ और राजस्व में क्रमशः 25 प्रतिशत और 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

ब्रोकरेज हाउस ने ग्रो ऐसेट मैनेजमेंट में 23 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए 580 करोड़ रुपये के निवेश के लिए अमेरिका स्थित स्टेट स्ट्रीट ग्लोबल एडवाइजर्स के साथ एक समझौते की भी घोषणा की। प्रस्तावित लेनदेन के पूरा होने पर, स्टेट स्ट्रीट के पास ग्रो एएमसी में 4.99 प्रतिशत वोटिंग पावर होगी।

वित्तीय परिणाम के बाद विश्लेषक कॉल में प्रबंधन ने कहा, ‘स्टेट स्ट्रीट दुनिया के सबसे बड़ी कंपनिपयों में से एक होने के नाते बहुत सारी वैश्विक प्रणालियां लाती है जो हमें भारत में व्यवसाय करने में मदद करेंगी। यह साझेदारी हमें बहुत अधिक विश्वसनीयता बनाने और भारतीय व्यवसाय के लिए वैश्विक पहुंच और इसी तरह हमारे उत्पादों के लिए विदेशी निवेशकों के लिए वैश्विक पहुंच बनाने में मदद करेगी।’

एचडीएफसी एएमसी का मुनाफा 20 फीसदी बढ़ा

एचडीएफसी ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी ने दिसंबर तिमाही में शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। दिसंबर तिमाही में उसका शुद्ध लाभ 641 करोड़ रुपये रहा, जो ज्यादा एयूएम और इक्विटी-केंद्रित फंडों में लगातार तेजी की वजह से संभव हुआ। तिमाही में परिचालन से राजस्व 15 प्रतिशत बढ़कर 1,074 करोड़ रुपये हो गया।

औसत तिमाही प्रबंधन अधीन परिसंप​त्तियां (क्यूएएयूएम) पिछले साल की इसी अवधि के 7.87 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 9.25 लाख करोड़ रुपये हो गई, जिससे घरेलू म्युचुअल फंड उद्योग में उसकी 11.4 प्रतिशत की बाजार हिस्सेदारी हो गई। कंपनी का परिसंप​त्ति मिश्रण ज्यादा लाभकारी इ​क्विटी खंड सेगमेंट की तरफ झुका रहा, जिसमें इक्विटी-टू-नॉन-इक्विटी क्यूएएयूएम अनुपात 65:35 था, जबकि उद्योग के लिए यह औसत 56:44 था।

First Published : January 14, 2026 | 10:22 PM IST