facebookmetapixel
Advertisement
ऑटो सेक्टर को PLI स्कीम के तहत FY27 में ₹4,700 करोड़ देगी सरकार, निवेश बढ़ाने की तैयारी तेजटाटा कैपिटल का रिवॉल्विंग क्रेडिट एक्सपोजर 5% से कम, RBI के नए प्रस्ताव से कंपनी पर पड़ेगा सीमित असररूस से तेल खरीद पर 100% अमेरिकी टैरिफ की धमकी, भारत-अमेरिका वार्ता में बढ़ सकता है दबाव‘ग्रामीण भारत तक पहुंचे बैंकिंग AI, तभी असली सफलता होगी हासिल’, SBI चेयरमैन सीएस शेट्टी की सलाहपांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट तेज, भाजपा-सपा-कांग्रेस-बसपा समेत दलों ने कसी कमरBrand Canvas 2026: VIT की ‘पावर रेंजर्स’ ने जीता बीस्मार्ट की पहली विज्ञापन प्रतियोगिता का खिताबY2K से AI के दौर तक: 1991 के आर्थिक सुधारों ने कैसे बदल डाली भारतीय IT इंडस्ट्री की पूरी तस्वीरअमेरिका में क्रिप्टो बिल से भारत पर बढ़ा दबाव, ससंदीय समिति ने VDA कानून बनाने की मांग कीनई मर्सिडीज-BMW हुई मंहगी तो पुरानी लक्जरी कारों की बिक्री में आया उछाल, युवा खरीदारों की बनी पसंद‘जिम्मेदारी से करें AI का इस्तेमाल, हर फैसले के लिए आप होंगे जवाबदेह’, RBI गवर्नर ने दी बैंकों को हिदायत

बाजार हलचल: जियो प्लेटफॉर्म्स पर मेटा, गूगल का दांव; IPO के लिए व्यस्त सप्ताह

Advertisement

जियो का आईपीओ पूरी तरह से ‘फ्रेश इश्यू’ होगा यानी इसमें मौजूदा शेयरधारकों की ओर से शेयरों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) नहीं होगी

Last Updated- June 21, 2026 | 11:07 PM IST
IPO

इस साल भारत में जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ सबसे बड़ा निर्गम होने की उम्मीद है। कंपनी का अनुमानित मूल्यांकन लगभग 9.5 लाख करोड़ रुपये है, जिससे मेटा और गूगल जैसी बड़ी टेक कंपनियों को दूरसंचार क्षेत्र की इस दिग्गज कंपनी में किए गए अपने निवेश से बड़ा फायदा होने की उम्मीद है। उन्होंने यह निवेश वर्ष 2020 में किया था।

जियो का आईपीओ पूरी तरह से ‘फ्रेश इश्यू’ होगा यानी इसमें मौजूदा शेयरधारकों की ओर से शेयरों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) नहीं होगी। जादू होल्डिंग्स, एलएलसी (जो मेटा प्लेटफॉर्म्स की एक सहयोगी कंपनी है) के पास इस फर्म में 9.98 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि गूगल इंटरनैशनल एलएलसी के पास 7.73 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

जियो प्लेटफॉर्म्स ने 2020 में 13 निवेशकों से 1.5 लाख करोड़ रुपये जुटाए थे। इन निवेशकों में जादू होल्डिंग्स, गूगल, इंटरस्टेलर प्लेटफॉर्म्स, पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड, जनरल अटलांटिक सिंगापुर जेपी और अन्य शामिल थे। जादू होल्डिंग्स और गूगल इंटरनैशनल को बोर्ड में नियुक्ति के लिए एक-एक निदेशक रखने का अधिकार है। हालांकि, अभी दोनों का कोई भी निदेशक कंपनी में नहीं है।

आईपीओ के लिए व्यस्त सप्ताह

हाल के समय में आईपीओ बाजार के लिए यह सप्ताह सबसे व्यस्त सप्ताहों में से एक होने वाला है। इस सप्ताह चार कंपनियां – टर्टलमिंट फिनटेक सॉल्युशंस, वॉटरवेज लेजर टूरिज्म, अद्वित ज्वेल्स और सीएसएम टेक्नॉलजीज बाजार में आ रही हैं। ये सभी आईपीओ कुल 1,779 करोड़ रुपये जुटाने वाले हैं। जहां अद्वित ज्वेल्स का ग्रे मार्केट प्रीमियम 44 प्रतिशत है, वहीं बाकी कंपनियों का प्रीमियम 2 से 4 प्रतिशत के बीच है।

बैंकरों का कहना है कि आईपीओ बाजार की असली परीक्षा जुलाई में होगी, जब एसबीआई म्युचुअल फंड और मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज के निर्गम बाजार में आएंगे। साल 2026 के शुरुआती पांच महीनों में 20 आईपीओ के जरिये 19,854 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं।

एक बार में एक मामला

एनएसई के सामने कानूनी मुश्किलों की लंबी लिस्ट में से एक मामला पिछले सप्ताह सुलझ गया। प्रतिभूति अपील पंचाट (सैट) ने एनएसई के को-लोकेशन मामले में चेन्नई फाइनैंशियल मार्केट्स ऐंड अकाउंटेबिलिटी की अपील को खारिज कर दिया। पंचाट ने कहा कि अपील करने वाले के पास इस मामले में अपील का अधिकार नहीं था।

पंचाट ने माना कि वह इकाई सेबी अधिनियम की धारा 15टी के तहत ‘पीड़ित व्यक्ति’ नहीं थी, क्योंकि उसे कोई सीधा कानूनी नुकसान नहीं हुआ था। अपील में एनएसई अधिकारियों और ओपीजी सिक्योरिटीज के बीच कथित मिलीभगत पर फिर से विचार करने की मांग की गई थी।

सैट ने गौर किया कि सेबी पहले ही मामले को वापस भेजे जाने के बाद इसकी जांच कर चुका था। यह निष्कर्ष निकालते हुए कि अपील जनहित याचिका जैसी थी, पंचाट ने फैसला सुनाया कि यह स्वीकार करने योग्य नहीं है और उसने इसे खारिज कर दिया।

Advertisement
First Published - June 21, 2026 | 11:07 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement