facebookmetapixel
Advertisement
500 GW लक्ष्य के लिए भारत को हर साल चाहिए $35 अरब, क्या InvITs बनेंगे रिन्यूएबल एनर्जी का सहारा?लगातार कॉल, रिकवरी एजेंट की धमकी व फोन लॉक — RBI के नए नियमों से लोन लेने वालों के लिए क्या बदलेगा?डिविडेंड देने वाली कंपनियों के शेयरों में निवेश का मौका! 24 अगस्त तक खुला है व्हाइटओक कैपिटल का NFOशेयर के बदले मिल जाएगा ₹1 करोड़ तक लोन; मिरे एसेट की नई सुविधा का कैसे उठा सकते हैं फायदा, कितना लगेगा ब्याज?GST रिफॉर्म का जोश खत्म! अब धीमी पड़ेगी आर्थिक ग्रोथ की रफ्तार, महंगाई ने बढ़ाई टेंशन?Bharat Forge: ₹11,200 करोड़ की डिफेंस ऑर्डर बुक, ब्रोकरेज ने दिए ₹2400 तक के टारगेटDebit Card PIN भूल गए या बदलना है? ATM और मोबाइल से ऐसे तुरंत सेट करें नया PIN, जानें आसान तरीकाATM से कैश निकालने से पहले जान लें ये लिमिट, वरना हो सकती है परेशानीअब ₹10 और ₹20 के आएंगे पॉलीमर नोट, सरकार ने दोनों के 1-1 अरब नए नोट खरीदने की दी मंजूरीAI बदलेगा IT कंपनियों की कमाई का गणित, कर्मचारियों के साथ अब टोकन का भी होगा हिसाब

GST रिफॉर्म का जोश खत्म! अब धीमी पड़ेगी आर्थिक ग्रोथ की रफ्तार, महंगाई ने बढ़ाई टेंशन?

Advertisement

मौजूदा वित्त वर्ष यानी FY27 में भारत की आर्थिक ग्रोथ धीमी पड़ सकती है।

Last Updated- August 11, 2026 | 3:46 PM IST
economic growth
मौजूदा वित्त वर्ष यानी FY27 में भारत की आर्थिक ग्रोथ धीमी पड़ सकती है।

मौजूदा वित्त वर्ष यानी FY27 में भारत की आर्थिक ग्रोथ धीमी पड़ सकती है। बढ़ती महंगाई ग्रोथ की गति धीमी कर सकती है। क्योंकि GST रिफॉर्म का जोश भी अब ठंडा होता नजर आ रहा। फिच (FITCH) ग्रुप कंपनी BMI ने अपनी ताजा रिपोर्ट में इसका जिक्र किया। रिपोर्ट के मुताबिक भारत की ग्रोथ FY27 में 6.6 फीसदी रह सकती है। यह पिछले वित्त वर्ष यानी FY26 में 7.7 फीसदी थी। आर्थिक ग्रोथ की रफ्तार पर असर डालने का काम महंगाई है, जो कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से चिंता का सबब बनी हुई है।

महंगाई का घरेलू इनकम पर असर

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ग्रोथ की रफ्तार धीमी पड़ने के बावजूद भारत एशिया-पेसिफिक की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी इकोनॉमी बनी रहेगी। हालांकि, वेस्ट एशिया में यानी अमेरिका-ईरान में फिर से तनाव बढ़ने का जोखिम अभी भी बरकरार है। इसके अलावा कमजोर मॉनसून तो बड़ी टेंशन तो है ही।

BMI की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक GST रिफॉर्म के बूस्टर डोज के बावजूद भारत की आर्थिक ग्रोथ की रफ्तार धीमी रहेगी। क्योंकि महंगाई का टेंशन बरकरार है. मौजूदा वित्त वर्ष 26 में औसत महंगाई दर 5.4 फीसदी रह सकती है। चुंकि महंगाई बढ़ेगी तो घरेलू इनकम पर निगेटिव असर पड़ेगा।

पिछले साल हुआ था GST रिफॉर्म

केंद्र ने पिछले साल सितंबर में जीएसटी रिफॉर्म का ऐलान किया था। ताकि आर्थिक ग्रोथ की गति बनी रहे, लेकिन महंगाई का ट्रिगर अब हावी होता नजर आ रहा। जीएसटी रिफॉर्म के तहत सरकार ने 375 आइटम्स पर दरों को घटा दिया था। इसको 2 स्लैब 5 फीसदी और 18 फीसदी में रखा गया है, जोकि पहले 4-टीयर स्ट्रक्चर में था।

Also Read | अब ₹10 और ₹20 के आएंगे पॉलीमर नोट, सरकार ने दोनों के 1-1 अरब नए नोट खरीदने की दी मंजूरी

BMI ने रिपोर्ट में एशिया-पेसिफिक के लिए अभी भी यूएस-ईरान तनाव को बड़ा रिस्क माना है। क्योंकि इसके बढ़ने से क्रूड ऑयल की कीमतों में जोश देखने को मिलता है। नतीजतन, रियल इनकम और प्राइवेट कंजप्शन पर सीधा असर दिखता है। ऐसे में 2027 में APAC ग्रोथ 4.1 फीसदी रहने का अनुमान है। साथ ही इसी तिमाही में यूएस-ईरान में शुरुआती समझौते के लागू होने की संभावना है। रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि कच्चे तेल की कीमतों में अगर बेसलाइन 86 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर का स्तर देखा गया तो ग्रोथ अनुमान में फिर से बदलाव किया जा सकता है।

 

(PTI के इनपुट के साथ)

 

Advertisement
First Published - August 11, 2026 | 3:46 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement